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NEET विवाद की गूंज तेलंगाना तक: स्कूल-कॉलेज बंद, सड़कों पर उतरे छात्र, सरकार से मांगा जवाब

Telangana School College Closed: नीट पेपर लीक विवाद को लेकर तेलंगाना में छात्र संगठनों का बड़ा प्रदर्शन। हैदराबाद समेत कई जगह स्कूल-कॉलेज बंद रहे, परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग तेज।
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NEET Paper Leak

वामपंथी छात्र संगठनों के बंद के आह्वान पर हैदराबाद समेत कई जिलों में केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। फोटो सोर्स-IANS

Telangana School College Closed: नीट-यूजी परीक्षा में कथित पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में अनियमितताओं को लेकर उठे विरोध की गूंज अब देश के अलग-अलग राज्यों में तेज होती जा रही है। शुक्रवार को तेलंगाना में भी इसका असर देखने को मिला। वामपंथी छात्र संगठनों के बंद के आह्वान पर हैदराबाद समेत कई जिलों में बड़ी संख्या में निजी स्कूल, कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थान बंद रहे। कई जगहों पर छात्रों ने रैलियां निकालकर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग उठाई।

छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश

बंद को देखते हुए हैदराबाद और आसपास के कई निजी स्कूलों और कॉलेजों ने एहतियात के तौर पर छुट्टी घोषित कर दी। वहीं, उस्मानिया विश्वविद्यालय ने शुक्रवार को होने वाली सभी परीक्षाएं स्थगित कर दीं। इससे हजारों छात्रों की पढ़ाई और परीक्षा कार्यक्रम प्रभावित हुआ।

छात्र संगठनों का कहना है कि नई दिल्ली में नीट मुद्दे पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के विरोध में यह बंद बुलाया गया। उनका आरोप है कि छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, कथित पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और परीक्षा व्यवस्था में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।

हैदराबाद में नारायणगुडा से हिमायतनगर और वाई जंक्शन तक छात्रों ने रैली निकाली। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी करते नजर आए। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन पूरे इलाके में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।

छात्रों का भविष्य अनियमितता की भेंट नहीं चढ़ना चाहिए

इस बंद को स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआइ), ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआईएसएफ), नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआइ), प्रोग्रेसिव डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स यूनियन (पीडीएसयू) समेत कई छात्र संगठनों का समर्थन मिला। छात्र नेताओं का दावा है कि इंटरमीडिएट से लेकर विश्वविद्यालय स्तर तक बड़ी संख्या में शिक्षण संस्थानों ने बंद का असर देखा।

एआईएसएफ के प्रदेश सचिव पुट्टा लक्ष्मण ने कहा कि बंद का उद्देश्य केवल विरोध दर्ज कराना नहीं, बल्कि परीक्षा प्रणाली में विश्वास बहाल करने की मांग उठाना भी है। उनके मुताबिक, छात्रों का भविष्य किसी भी तरह की लापरवाही या अनियमितता की भेंट नहीं चढ़ना चाहिए।

छात्र संगठन का इंदिरा पार्क स्थित धरना चौक पर प्रदर्शन

इधर, भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के छात्र संगठन ने भी इंदिरा पार्क स्थित धरना चौक पर प्रदर्शन किया। इस कार्यक्रम में पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष के. टी. रामाराव भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं की आवाज को दबाने के बजाय उनकी चिंताओं का जवाब दिया जाना चाहिए। कांग्रेस ने भी नीट-यूजी विवाद को लेकर विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया।

फिलहाल, नीट परीक्षा को लेकर उठा विवाद केवल अदालतों और जांच एजेंसियों तक सीमित नहीं रह गया है। अब यह छात्रों के आंदोलन का बड़ा मुद्दा बन चुका है और तेलंगाना में हुए प्रदर्शन ने साफ संकेत दिया है कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग आने वाले दिनों में और तेज हो सकती है।

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