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घर से चलकर घर तक पहुंचने का एक ही नेटवर्क, इंदौर से हो रही शुरुआत

CM Accessible Transport Service : मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा में 'डोर-टू-डोर' ट्रांसपोर्ट सिस्टम होगा तैयार, मेट्रो से कनेक्टिविटी और उतरते ही बाइक-टैक्सी की सुविधा।
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CM Accessible Transport Service

मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा में 'डोर-टू-डोर' ट्रांसपोर्ट सिस्टम की तैयारी (फोटो सोर्स: AI Generated)

Indore News : 25 सितंबर से मध्य प्रदेश में शुरू होने जा रही मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा को सिर्फ नई बसों की शुरुआत के तौर पर ही नहीं देखा जाना चाहिए। सरकार सार्वजनिक परिवहन को 'घर से घर तक' वाले पूरे ट्रांसपोर्ट सिस्टम को तैयार कर रही है यानी घर से चलकर बस स्टॉप तक कैसे पहुंचेगा, बस कब आएगी, बस में टिकट कैसे मिलेगा, सफर के दौरान सुरक्षा कैसे होगी, जरूरत पड़ने पर मदद कैसे मिलेगी और बस या मेट्रो से उतरने के बाद अंतिम पड़ाव तक कैसे पहुंचेगा। इन सभी कड़ियों वाला एक नेटवर्क होगा।

नई व्यवस्था में बसें जीपीएस और इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (आइटीएमएस) से जुड़ी रहेंगी। यात्री मोबाइल के जरिए बस की लाइव लोकेशन और उसके पहुंचने का अनुमानित समय जान सकेगा। इससे बस स्टॉप पर अनिश्चित इंतजार कम करने की कोशिश होगी।

मोबाइल फोन बनेगा सफर का साथी

पूरे सिस्टम में मोबाइल फोन आधारित सुविधाओं की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। डिजिटल टिकटिंग के जरिए यात्री टिकट खरीदने और किराया भुगतान कर सकेगा। यानी सफर शुरू होने से पहले ही टिकट की व्यवस्था मोबाइल से पूरी करने की दिशा में काम होगा। बसों में लगे जीपीएस और आइटीएमएस से संचालन की निगरानी भी की जाएगी।

बसों की सुरक्षा का भी कनेक्शन

बस के अंदर सीसीटीवी, जीपीएस और पैनिक बटन लगाए जाने की योजना है। आपात स्थिति में यात्री पैनिक बटन से मदद मांग सकेगा। वहीं आइटीएमएस के जरिए बस की लोकेशन और संचालन पर निगरानी रहेगी। चालक- परिचालक की कार्यप्रणाली पर भी नजर रखी जाएगी। महिलाओं के लिए 'पिंक ' बाइक-टैक्सी को भी बढ़ावा देने की योजना है। इससे महिला यात्रियों के लिए अंतिम दूरी तय करने का एक अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध होगा।

22 रूट पर बस सेवा की तैयारी, इंदौर से शुरुआत

22 रूट पर बस सेवा शुरू करने की योजना है, जिसकी शुरुआत इंदौर से होगी। इसमें इंदौर-ग्वालियर, इंदौर-खंडवा और इंदौर-बुरहानपुर रूट शामिल हैं। वर्तमान में इंदौर से ग्वालियर 30, खंडवा 80, बुरहानपुर 40 और अन्य रूट पर करीब 1200 बसें संचालित हैं। निजी ऑपरेटरों से प्रस्ताव बुलाए गए हैं, कुछ प्रस्ताव मिल भी चुके हैं। योजना में इलेक्ट्रिक बसों को प्राथमिकता दी जाएगी। बस ऑपरेटर का कहना है कि फिलहाल इन रूट पर नई बसे आने से उनके सामने नया संकट खड़ा हो जाएगा। वह सरकार को टैक्स और टोल पर भी रुपए दे ही रहे हैं इसके साथ ही अब से उन्हें रॉयल्टी भी देना पड़ेगा।