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तमिलनाडु सीएम थलापति विजय की फाउंडेशन बनाकर मांगी जा रही मदद, एमपी में ठगी का नया खेल

Cyber Fraud : सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मस पर फाउंडेशन के फर्जी पेज बनाकर किसी भी गरीब, असहाय के वीडियो क्लिप दिखाए जाते हैं। फिर एआई से जनरेटेड थलापति विजय के वीडियो या ऑडियो का सहारा लेकर मदद करने को कहा जाता है। क्राइम ब्रांच में आधा दर्जन शिकायतें दर्ज की हैं
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इंदौर

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Mohammad Faiz Mubarak

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Updated: 1 Sep 2026, 8:43 AM IST

cyber fraud

तमिलनाडु के सीएम थलापति विजय के नाम पर ऑनलाइन फ्रॉड (फोटो सोर्स: @actorvijay)

Indore News : तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलापति विजय के नाम पर मध्य प्रदेश के इंदौर में ऑनलाइन ठगी का नया तरीका सामने आया है। सोशल मीडिया पर उनके नाम और तस्वीर का इस्तेमाल कर फर्जी पेज बनाए गए हैं। इन पेजों के जरिए लोगों को मुख्यमंत्री के फाउंडेशन से आर्थिक मदद, सब्सिडी और बैंक खाते में राशि जमा कराने का झांसा दिया जा रहा है। मामले में करीब आधा दर्जन लोगों ने क्राइम ब्रांच में शिकायत की है। पुलिस ने शिकायतों को जांच में शामिल कर पेज और उससे जुड़े मोबाइल नंबरों की पड़ताल शुरू कर दी है।

क्राइम ब्रांच के एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया, सोशल मीडिया पर थलापति विजय के नाम से 'ऑल इंडिया हेल्प' और 'ऑल इंडिया मनी हेल्प' जैसे पेज बनाए गए हैं। इनमें उनकी तस्वीर लगाई गई है और कई मोबाइल नंबर भी दिए गए हैं। पेजों को कई हजार लोगों द्वारा फॉलो किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, ठगी करने वाले लोग खुद को मुख्यमंत्री के फाउंडेशन से जुड़ा बताकर जरूरतमंदों की मदद करने का दावा कर रहे हैं।

रजिस्ट्रेशन से प्रोसेसिंग फीस तक वसूली

शिकायतकर्ताओं के अनुसार, ठग पहले मदद दिलाने का भरोसा देते हैं। इसके बाद रजिस्ट्रेशन, वेरिफिकेशन और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर अलग-अलग रकम ऑनलाइन जमा कराई जाती है। इसके बाद भी मदद की राशि नहीं मिलती। लोगों को लगातार यह भरोसा दिया जाता है कि प्रक्रिया पूरी होते ही उन्हें आर्थिक सहायता उपलब्ध करा दी जाएगी।

बैंक खाता खुलवाने का भी झांसा

ठगी के लिए लोगों को बैंक खाता खुलवाने और उसमें फाउंडेशन की ओर से रकम जमा कराने का भी लालच दिया जा रहा है। बताया जाता है कि इस राशि से छोटा स्टार्टअप या व्यवसाय शुरू किया जा सकता है। आर्थिक मदद की उम्मीद में लोग ठगों के बताए अनुसार फीस जमा कर रहे हैं और ऑनलाइन ठगी का शिकार हो रहे हैं।

नंबरों की जांच में जुटी पुलिस

एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया, पेज पर दिए गए सभी मोबाइल नंबरों को पुलिस वेरिफाई कर रही है। शिकायतों में सामने आई जानकारी के आधार पर जांच की जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी फाउंडेशन या सरकारी मदद के नाम पर शुल्क मांगे जाने पर पहले सत्यापन करें। ठगी होने पर तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन या पुलिस को सूचना दें।