
इंदौर. मध्यप्रदेश की व्यवसायिक राजधानी इंदौर से देश की व्यवसायिक राजधानी की दूरी घटनेवाली है. इंदौर की एक अन्य प्रमुख व्यवसायिक शहर दाहौद से भी दूरी कम होगी. केंद्रीय बजट में हुए प्रावधान ने ये गजब का काम किया है. बजट में इंदौर के तीन रेल प्रोजेक्ट को पूरे 1353 करोड़ रुपए मिले हैं. इसके एक प्रावधान के तहत मुंबई की दूरी पूरे 65 किमी कम हो जाएगी.
इस बार केंद्रीय बजट में अब तक के सर्वाधिक 1353 करोड़ रुपए स्वीकृत हुए हैं। इंदौर से जुड़े तीन बड़े रेल प्रोजेक्ट्स के लिए मिली इस राशि में इंदौर-दाहोद के लिए 265 और इंदौर-उज्जैन दोहरीकरण के लिए 200 करोड़ रुपए शामिल हैं। इसके अलावा छोटा उदयपुर से धार के लिए भी 100 करोड़ मंजूर हुए हैं। रतलाम-महू-अकोला के लिए सर्वाधिक 888 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि अब इसी साल इंदौर-उज्जैन दोहरीकरण का कार्य पूरा हो सकता है।
इंदौर-मनमाड़ और इंदौर-जबलपुर प्रोजेक्ट अन्य मॉडल पर बनने के कारण पिछले बजट की तरह मात्र हजार-हजार रुपए मंजूर हुए हैं। सही प्लानिंग से टाइम लाइन बनाकर काम हो तो डेढ़ साल में टीही से धार तक रेल लाइन का काम भी पूरा किया जा सकता है.
1. इंदौर-उज्जैन दोहरीकरण 200 करोड़
इंदौर-देवास के बीच लाइन पर 140% दबाव है। अभी ट्रेनें क्रॉसिंग में 20 मिनट से लेकर एक घंटे तक लेट होती हैं। दोहरीकरण से ट्रेनों की आवाजाही समय पर होगी। उज्जैन से देवास के बीच काम पूरा हो चुका है। 200 करोड़ से लक्ष्मीबाई नगर तक काम हो जाएगा।
2. इंदौर-दाहोद 265 करोड़
ट्रेन से इंदौर-दाहोद की दूरी करीब 375 किमी है। नई रेल लाइन से यह दूरी महज 205 किमी हो जाएगी। कम हुई दूरी से यात्रा के पांच घंटे बचेंगे।
3. महू-अकोला 888 करोड़
अभी इंदौर से मुंबई की ट्रेनें घूमकर जाती हैं। इस लाइन से 65 किमी दूरी कम होगी। उत्तर-दक्षिण के बीच 200 किमी दूरी कम होगी। इंदौर रेल नेटवर्क की मेनलाइन पर आ जाएगा।
Published on:
03 Feb 2022 12:59 pm
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