
इंदौर. पाकिस्तान से आई गीता के परिवार के मिलने की संभावना नजर आने लगी है। परभणी (महाराष्ट्र) के परिवार ने दावा जताया है। गीता के शरीर के एक निशान के बारे में परिवार ने जानकारी दी थी, जो सही निकली है इसलिए यह संभवना बनी है। गीता को महाराष्ट्र लेकर जा रहे हैं, जहां डीएनए टेस्ट होगा। गीता को महाराष्ट्र में ही रख कर आत्मनिर्भर बनाने के भी प्रयास किए जाएंगे।
संस्था आनंद के ज्ञानेंद्र पुरोहित की टीम रोटरी क्लब ऑफ इंदौर आदर्श की मदद से गीता को लेकर महाराष्ट्र रवाना हुई है। रविवार सुबह रोटरी क्लब के गजेन्द्र सिंह नारंग, राजेंद्र जैन, वर्गीश अलगार्डन, हातिम अनंत आदि ने इन्हें रवाना किया। ज्ञानेंद्र पुरोहित साथी महिला- पुरुष कर्मचारियों के साथ गीता को लेकर रवाना हुए हैं। पुरोहित ने बताया, गीता को निगरानी में रख उसका व्यवहार, खान पान की समीक्षा की तो लग रहा था कि वह मराठवाड़ा अथवा तेलंगाना की हो सकती है, इसलिए उसे वहां ले भी गए थे।
परभणी जिले के जिन्तुर के एक परिवार ने गीता को लेकर दावा किया था। परिवार के पुरुष मुखिया का निधन हो चुका है, महिला है जो पूजा-पाठ की सामग्री बेचती है। एक बेटी है, जिसकी शादी हो चुकी है। उनका कहना है, 6-7 साल की बेटी 20 साल पहले लापता हो गई थी। वह उसके पहले भी दो बार कहीं चली गई, लेकिन मिल गई थी। इस बार नहीं मिली तो काफी तलाश की। उन्होंने बेटे के शरीर के एक निशान के बारे में बताया जो गीता को भी है, इसलिए संभावना बन गई है। वहां ले जाकर गीता का डीएनए टेस्ट कराया जाएगा। एक संस्था की मदद से गीता को उसी इलाके में रख आत्मनिर्भर बनने के लिए ट्रेनिंग भी दी जाएगी। प्रशासन को उसके बारे में पूरी सूचना दे दी गई है।
Published on:
11 Jan 2021 10:27 am
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