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GST Update: कैंसर मरीजों को राहत ! महंगी दवाइयों के नए स्टॉक पर होगा फायदा

GST Update: सरकार ने वर्तमान स्टॉक पर कम हुए टैक्स को स्टॉकिस्ट के खाते में क्रेडिट करने की बात कही है।

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फोटो सोर्स: पत्रिका

फोटो सोर्स: पत्रिका

GST Update: इलेक्ट्रॉनिक सामान के बाद जीएसटी की दरों में कमी का सबसे ज्यादा फायदा कैंसर, किडनी, हार्ट की महंगी मेडिसिन पर मिलेगा। स्टॉकिस्ट के पास रखे माल पर जीएसटी के घटे रेट की क्रेडिट मिल जाएगी, लेकिन उपभोक्ता तक यह फायदा पूरी तरह नहीं पहुंचेगा। बाजार में ये दवाइयां पहले से ही पुरानी एमआरपी या उससे कम दाम पर मिलती हैं। इससे स्टॉक रहने तक छोटे दुकानदार मौजूदा दाम पर ही इसे बेचेंगे। इसे कंट्रोल करना मुश्किल होगा।

अभी संशय जारी

सरकार ने वर्तमान स्टॉक पर कम हुए टैक्स को स्टॉकिस्ट के खाते में क्रेडिट करने की बात कही है। उदाहरण के लिए किसी के पास 1 करोड़ का स्टॉक है और 12 प्रतिशत से शून्य टैक्स हो गया है तो उसके 12 लाख जीएसटी क्रेडिट हो जाएंगे। इसका फायदा मरीज को मिलेगा या नहीं, इस पर संशय है। फिलहाल उन मेडिसिन पर ही मरीज को फायदा मिलेगा, जो मूल कीमत पर बेची जाती हैं। यानी उस कीमत पर जीएसटी लगाया जाता है, जबकि कैंसर की कई दवाइयां स्टॉकिस्ट या कंपनी के प्रतिनिधि सीधे अपने पास से कम कीमत में बेचते हैं।

उदाहरण के लिए फास्फ्रो के 1 इंजेक्शन की एमआरपी 2.55 लाख रुपए है, जबकि यह 2.10 लाख में मिल जाता है। इसमें जीएसटी शामिल रहता है। अब यह 1.85 लाख रुपए में मिल सकता है, क्योंकि जीएसटी शून्य हो गया है। दार्जिलिक्स की एमआरपी 71 हजार 701 रुपए है, जो बाजार में 60 हजार में मिल जाता है। इस पर 7200 रुपए का फायदा हो सकता है। 3 लाख 71 हजार 923 रुपए की एमआरपी वाला टेक्लीविया बाजार में 3 लाख 12 हजार 500 रुपए में मिलता है। इस पर 36 हजार का और फायदा होगा। यह सारा फायदा मेन स्टॉकिस्ट या कंपनी से मिलता है, लेकिन आम दुकानदार इसे एमआरपी पर बेचता है।

इंदौर है इलाज का हब

प्रदेश में कैंसर के सबसे ज्यादा स्पेशलिस्ट डॉक्टर और अस्पताल इंदौर में हैं। सरकारी बड़े कैंसर अस्पताल के साथ करीब 30 प्राइवेट अस्पतालों में कैंसर का इलाज होता है। हर महीने इंदौर में कैंसर के ढाई से तीन हजार मरीज इलाज करवाते है। इसमें कीमोथैरेपी करवा रहे मरीज भी हैं, जिन्हें 6 से 7 करोड़ की मेडिसिन लगती है। कैंसर मेडिसिन के स्टॉकिस्ट क्वालिटी केमिस्ट के प्रमुख मकरंद शर्मा ने बताया कि अब नए स्टॉक पर कंपनी नई एमआरपी प्रिंट करेगी, जो कम होगी।

मरीज को वास्तविक फायदा तभी होगा। सामान्य मेडिकल स्टोर वाले ने यह मेडिसिन पुराने भाव में खरीदी है तो वह उसी भाव पर बेचेगा। हो सकता है कि कई दुकानदार दोहरा फायदा उठाएं। कैंसर मरीज के परिजन विकास कौशल के अनुसार सरकार को मनमानी एमआरपी का सिस्टम खत्म करना चाहिए।

क्या बदलाव

कैंसर सहित कई मेडिसिन पर 12 प्रतिशत से 0, कुछ वैक्सीन सहित मेडिसिन पर 12 से 5 प्रतिशत, अन्य मेडिसिन पर जीएसटी दर 5 प्रतिशत ही रहेगी।

किस मेडिसिन पर कितना फायदा

मेडिसिन— क्या— मूल कीमत— 12 प्रतिशत जीएसटी के साथ — अब इतने में मिलेगी

डाराटुमुमैब (मल्टीपल मैलोमा)— इंजेक्शन— दो लाख— 2.24 लाख — दो लाख

एलेक्टिनिब (लंग्स कैंसर)— कैप्सूल—1.50 लाख—1.68 लाख — 1.50 लाख

ओलिमेरटिनिब-एच (लंग्स कैंसर)— टेबलेट—1.35 लाख—1.51 लाख—1.35 में

इन मेडिसिन पर भी फायदा

ओबिनुटुजुमैब (ब्लड कैंसर), पोलाटुजुमैब वेडोटिन (लिफोमा), एंट्रेक्टिनिब (सॉलिड ट्यूमर), एटेजोलिजुमैब (लंग्स और ब्लैडर कैंसर), टेपोटिनिब (लंग्स कैंसर), एवेलुमैब (स्किन कैंसर) सहित कुल 33 मेडिसिन।