5 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

icon

प्रोफाइल

Success पाने के लिए नेटवर्किंग की कला जानना जरूरी

iim indore में इस बार भी छात्राओं की संख्या 35 फीसदी से अधिक, पीजीपीएचआरएम 39 सीट में से 38 छात्राओं के खाते में...।

2 min read
Google source verification

इंदौर

image

Manish Geete

Jun 28, 2022

himanshu1.png

iim indore director dr himanshu rai

इंदौर। आइआइएम इंदौर (iim indore) का हिस्सा बनने पर आपको एक विशेषाधिकार दिया है। लेकिन, इसके साथ जिम्मेदारी भी आती है। यह जिम्मेदारी है अपनी और आस-पास के लोगों की। कुशल प्रबंधक अपने काम में अच्छे होते हैं लेकिन सफल वही होते हैं जो नेटवर्किंग की कला जानते हैं।

ये बात आइआइएम इंदौर के डायरेक्टर प्रो. हिमांशु राय (dr himanshu rai) ने कही। वे शुक्रवार को आइआइएम (इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट), इंदौर की 2022 बैच के शुभारंभ अवसर पर बोल रहे थे।

इस बैच में अलग-अलग कोर्स में 641 दाखिले हुए हैं। पिछली तीन बैच की तरह इस बार भी दाखिला लेने वाली छात्राओं का प्रतिशत 35 फीसदी से अधिक 37.75 (242 छात्राएं) रहा है। फ्लैगशिप कोर्स पीजीपी की 487 सीट पर 323 पर छात्र और 164 पर छात्राएं रही। पीजीपीएचआरएम में हुए 39 दाखिलों में 38 सीट छात्राओं के नाम दर्ज हुई है। मालूम हो, आइआइएम इंदौर में 2019 की बैच में सर्वाधिक 39 फीसदी छात्राएं थी जो कि बाकी सभी आइआइएम से अधिक था। 2022 पासआउट बैच में भी छात्राओं का प्रतिशत 35.14 फीसदी था।

दूसरों की भी भावना समझें

डायरेक्टर प्रो. राय ने नई बैच के विद्यार्थियों को अपने विवेक पर ध्यान केंद्रित करने और सभी विकर्षणों को दूर करने के लिए प्रोत्साहित किया और कहा कि इससे जरूरी काम करने, निर्णय लेने उन्हें फलदायी कार्यों को प्राप्त करने में मदद मिलेगी। सुनिश्चित करें कि आप एक-दूसरे का सम्मान करते हैं, अपनी भावनाओं को प्रबंधित कर सकते हैं, दूसरों की भावनाओं को भी समझ सकते हैं और उनकी सराहना कर सकते हैं। अपने से बड़ों का हमेशा सम्मान करें, क्योंकि उनके पास आपके मुकाबले जीवन में बहुत अधिक अनुभव है। खुले दिल और दिमाग से संवाद करें।

सफलता की अपनी परिभाषा बनाएं

कार्यक्रम में पीजीपी 1999-2001 बैच के रूपांक चौधरी को पहले विशिष्ट पूर्व छात्र पुरस्कार प्रदान किया गया। उन्होंने अनुभव साझा करते हुए बताया कि मेरे अनुसार, सफलता व्यक्तिगत है। आपके लिए सफलता को कोई अन्य परिभाषित नहीं कर सकता। अपना उद्देश्य खोजें और सफलता की अपनी परिभाषा तय करें। अपनी भावनात्मक बुद्धिमत्ता को बढ़ाएं और अपने लचीले कौशल को भी मजबूत करें। इससे आपको अराजकता का प्रबंधन करने के लिए धैर्य विकसित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने प्रतिभागियों को विनम्र रहने और प्रतियोगिता को कभी कम नहीं आंकने की सलाह दी।

Initiative: पढ़ाई-नौकरी छूटना सबसे बड़ी समस्या, सीसीएम बता रहा मुश्किल घड़ी से निकलने के तरीके









































कोर्स छात्र छात्राएंकुल
पीजीपी323164487
पीजीपीएचआरएम13839
आइपीएम फोर्थ ईयर6833101
एफपीएम7714
कुल399242641