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रेस्टोरेंट में खपा रहे थे 200 रुपए के नकली नोट, इंदौर में पकड़ाए तीन आरोपी घर में छाप रहे थे जाली नोट

Indore Fake 200 Rupee Note: इंदौर में पकड़ा गया 200 रुपए के नकली नोट छापने वाला गिरोह, रेस्टोरेंट मालिक की सतर्कता से पुलिस पूछताछ में खुलासा होना बाकी, कहां-कहां खपाए नकली नोट?
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Indore Fake 200 rupee note

Indore Fake 200 rupee note: नकली नोट छापने वाले गिरोह के तीनों सदस्य पुलिस गिरफ्त में। पूछताछ जारी कहां खपाए नकली नोट। (फोटो सोर्स: पत्रिका क्रिएटिव)

Indore Fake 200 Rupee Note: 200 रुपए का नकली नोट खपाने देपालपुर का दीपक पटेल नाश्ते के लिए रेस्टोरेंट पहुंचा। नावदापंथ रोड पर 60 रुपए के नाश्ते के बाद रेस्टोरेंट संचालक को उसने जाली नोट थमा दिया। संचालक को शक हुआ तो दीपक घबराया और नोट थैली में रखकर भागने लगा। रेस्टोरेंट के कर्मचारी ने उसे दबोच लिया।

सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच की तो थैली से 200 रुपए के 20 जाली नोट (Indore Fake 200 Rupee Note found) मिले। पूछताछ में बताया कि सिंगापुर टाउनशिप में रहने वाले से नोट लिए थे। पुलिस ने नोट छापने दीपक पटेल संजय वैष्णव रवि प्रताप वाले युवक समेत तीन को गिरफ्तार किया है।

84 हजार के जाली नोट

84 हजार के 200 के नोट जब्त किए। पहले भी पकड़ा था मामले में डीसीपी नरेंद्र रावत ने बताया कि दीपक पटेल (25), इंदौर की सिंगापुर टाउनशिप के संजय वैष्णव के खिलाफ केस दर्ज किया है। सख्ती से पूछताछ में दीपक ने संजय से नकली नोट लेने की बात कबूली। तलाशी में संजय से नोट छापने की प्रिंटिंग मशीन और 200 के नकली नोट मिले। संजय पहले भी पकड़ा गया था। जमानत पर छूटा और फिर नकली नोट छापकर बाजार में चलाने लगा। आरोपी दीपक से मिली जानकारी के आधार पर मानपुर के रवि प्रताप (35) को भी दबोचा।

कैसे पहचानें 200 का असली नोट?

200 रुपए नकली नोट (Indore Fake 200 Rupee Note Prining) छापने वाले गिरोह का पर्दाफाश होने पर पुलिस ने अपील की है कि 200 रुपए का नोट लेते समय पूरी सतर्कता रखें। उसकी खासियत को नजरअंदाज बिल्कुल न करें।

-असली नोट में महात्मा गांधी की वॉटरमार्क फोटो है।

-सिक्योरिटी थ्रेड का इस्तेमाल किया गया है।

-रंग बदलने वाली स्याही और उभरी हुई छपाई से अंदाजा लगाया जा सकता है कि नोट असली है।

-इसके अलावा सी-थ्रू रजिस्टर जैसी विशेषता ही इसे खास और असली दिखाती है।

छोटे दुकानदार क्यों बनते हैं निशाना?

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक नकली नोट (Indore Fake 200 Rupee Note in Markets) खपाने के लिए अक्सर आरोपी चाय-नाश्ते की दुकानों, पान ठेला या फिर सब्जी विक्रेताओं को निशाना बनाते हैं। इसका कारण यह नहीं कि वो छोटे दुकानदार हैं, बल्कि इन दुकानों पर सबसे ज्यादा भीड़ होती है। ऐसे में वे निडर होकर इन्हें इन दुकानों, ठेलों पर खपा सकते हैं, क्योंकि दुकानदार को असली-नकली परख करने के लिए समय ही नहीं मिलेगा।

कानूनी जानकारी भी जरूरी

भारतीय दंड संहिता समेत नकली नोटों (Indore Fake 200 Rupee Note Act) से जुड़े प्रावधान बताते हैं कि नकली नोट छापना, रखना और उन्हें बाजार में चलाना एक बड़ा गंभीर अपराध है। इसके तहत कठोर सजा और जुर्माने का प्रावधान है।

अभी ये खुलासे होना बाकी

फिलहाल पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार (Indore Fake 200 Rupee Note accused arrested) किया है। अभी पूछताछ में कई खुलासे होना बाकी है। आरोपियों ने नकली नोट कहां-कहां खपाए हैं। इनके संपर्क में और कौन है? कहीं कोई बड़ा नेटवर्क तो नहीं है इनका। जिन मशीनों से ये नकली नोट छाप रहे हैं, वे प्रिंटिंग मशीने इन्होंने कहां से खरीदीं। बरामद किए गए अन्य उपकरणों की फॉरेंसिक जांच भी कराई जा रही है।