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किड्स गारमेंट्स के क्षेत्र में देश में इंदौर नंबर 2

देश के बड़े प्लेयर को लाने बरलई शुगर मिल की 33 हेक्टेयर जमीन पर बनेगा रेडिमेड गारमेंट्स पार्क-2

इंदौरAug 08, 2024 / 11:54 am

प्रमोद मिश्रा

देश के बड़े प्लेयर को लाने बरलई शुगर मिल की 33 हेक्टेयर जमीन पर बनेगा रेडिमेड गारमेंट्स पार्क-2, हजारों को मिलेगा रोजगार, 190 इकाइयों के उत्पाद की देशभर में मांग

करीब 35 साल पहले बने परदेशीपुरा के रेडिमेड गारमेंट्स पार्क में काम करने वाली 190 इकाइयों की ड्रेसेस की देशभर में मांग बढ़ गई है। किड्स गारमेंट निर्माण व सप्लाय में कोलाकाता के बाद देश में दूसरे नंबर पर इंदौर आ गया है। इसे ध्यान में रखते हुए शासन बंद हो चुकी बरलई शुगर मिल की 33 हेक्टेयर जमीन पर रेडिमेड गारमेंट पार्क-2 ला रहा है। देशभर के बड़े प्लेयर (निर्माता) को यहां लाने के प्रयास तेज हो गए हैं।
सांवेर इलाके में बंद पड़ीबरलई शुगर मिल की करीब 33 हेक्टेयर जमीन पर नया रेडिमेड पार्क 2 बसाने की योजना है। यह जमीन कुछ समय पहले मप्र औद्योगिक विकास निगम (एमपीआरडीसी) को मिल चुकी है। 5 हजार से 25 हजार स्क्वेयर फीट के करीब 300 प्लॉट निकाले गए हैं। स्थानीय के साथ ही देश के बड़े रेडिमेड गारमेंट निर्माता को यहां लाने के प्रयास चल रहे हैं।
रेडिमेट गारमेंट पार्क में 190 से ज्यादा इकाइयां स्थापित

वर्ष 1991 मे जिला उद्योग केंद्र ने परदेशीपुरा इलाके में रेडिमेट गारमेंट पार्क की स्थापना की थी। शुरुआत धीमी रही, लेकिन वर्ष 2006 के बाद तेजी नई इकाइयां स्थापित हुईं। आज यहां रेडिमेड गारमेंट की 200 इकाइयां स्थापित हैं और करीब 10 से 15 हजार लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिल रहा है। इसमें से करीब 190 इकाइयां किड्स गारमेंट की हैं।
नया पार्क बनने से 50 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार

कई निर्माता लगातार जगह की मांग कर रहे थे, जिसके कारण नया पार्क लाने की प्लानिंग हुई है। हालांकि, नया पार्क परदेशीपुरा से करीब 7 किलोमीटर दूर है। प्रशासन स्थानीय निर्माताओं के साथ ही देशभर के बडे ब्रांड को लाने के प्रयास कर रहा है। पार्क बनने पर करीब 30 से 50 हजार लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार व लाखों लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा।
किड्स गारमेंट में इंदौर का देशभर में नाम, लगातार बढ़ रही मांग

रेडिमेेड गारमेंट पार्क में 190 से ज्यादा इकाइयां किड्स गारमेंट निर्माण का काम कर रही हैं। किड्स रेडिमेड गारमेंट के क्षेत्र में इंदौर कोलकाता के बाद देशभर में दूसरे नंबर पर है। अपेरेलमैन्यूफैक्चरर सोसायटी ऑफ इंदौर के पदाधिकारियों के मुताबिक, इंदौर में बने बच्चों के रेडिमेड कपडों की मांग देशभर में है। दक्षिण राज्यों में यहां के कपड़े सबसे ज्यादा भेजे जाते हैं। रेडिमेड गारमेंट के क्षेत्र में कोलकाता, बेंगलूरु, मुंबई, दिल्ली के बाद अहमदाबाद के बाद इंदौर संयुक्त रूप से पांचवें नंबर पर है।
बरलई में गारमेंट इकाई के साथ आवास बनाने की भी सुविधा मिलेगी

बरलई शुगर मिल की जमीन पर रेडिमेड गारमेंट पार्क-2 ला रहे हैं। इसके लिए जमीन मिल गई है। इंदौर के रेडिमेड कपड़े कई प्रदेशों में सप्लाय होते हैं। यहां बड़ी इकाइयां खुलने की उम्मीद है। यहां बड़े प्लांट दिए जाएंगे ताकि निर्माण इकाई स्थापित करने के साथ कंपनियां कर्मचारी- अधिकारियों के आवास भी बना सकें।
सपना जैन, कार्यकारी निदेशक एमपीआइडीसी

इंदौर के रेडिमेड गारमेंट की मांग देेशभर में

इंदौर के रेडिमेड गारमेंट इंडस्ट्री का देश में अलग स्थान है। यहां रेडिमेड गारमेंट की 200 इकाइयों में से 190 इकाइयां किड्स गारमेंट क्षेत्र में हैं, इंदौर देशभर में नंबर दो पर है और यहां के उत्पाद की अच्छी मांग है। बरलई में रेडिमेड गारमेंट पार्क आता है तो बड़ी कंपनियों को वहां काम करने में सहुलियत रहेगी।
संदीप वासुदेव, अध्यक्ष अपेरेलमैन्यूफैक्चरर सोसायटी ऑफ इंदौर

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