
ये कोई गार्डन नहीं बल्कि है रेलवे स्टेशन, पहली बार रेलवे ने किया अनोखा प्रयोग
इंदौर. देश के सबसे स्वच्छ शहर के तौर पर अपनी पहचान बनाने वाला मध्य प्रदेश का इंदौर शहर वैसे तो कई उपलब्धियां अपने नाम कर चुका है। इसी कड़ी में इंदौर पश्चिम रेलवे स्टेशन ने भी यात्रियों को अनुकूल माहौल देने के क्षेत्र में खास प्रयोग करते हुए स्टेशन के बीच की स्पेस में गार्डन तैयार किया है। बता दें कि, इस उपलब्धि के लिए भी इंदौर ने देश में अपना पहला नाम दर्ज किया है।
रेलवे स्टेशन पर दो प्लेटफॉर्म के बीच में यात्रियों के आकर्षण के लिए खूबसूरत सा गार्डन तैयार किया गया है। यहां खिलने वाले रंग बिरंगे फूल, हरियाली और स्कल्पचर्स यात्रियों की आंखों और मन को सुकून प्रदान करने और एक पॉजिटिव एनर्जी देने के लिए बनाए गए हैं।
यहां से मिला गार्डन बनाने का आइडिया
इस संबंध में इंदौर पश्चिम रेलवे के पीआरओ खेमराज मीना ने बताया कि, रेलवे में इस तरह का कांस्पेट केरल के आलुवा स्टेशन पर देखा जा सकता है। यहां एक महिला ने लोगों द्वारा फैंक दी जाने वाली डिस्पोजेबल बॉटल को इकट्ठी करके उन्हें खूबसूरती के साथ स्टेशन की पटरियों के बीच लगे पाइप्स पर लगाया। इन बॉटल्स में उन्होंने फूलदार बैलें लगाईं, जो यात्रियों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गईं। लोगों ने उसे स्टेशन पर 'हैंगिग गार्डन' नाम दिया हुआ है। खेमराज मीना के अनुसार, यात्रियों को पॉजिटिव एनर्जी देने की गरज से इस प्रयोग को इंदौर स्टेशन पर किया गया है। इंदौर रेलवे स्टेशन पर बना ये गार्डन केरल के आलुवा स्टेशन की याद दिलाता है।
हो रहा है ये फायदा
उन्होंने बताया कि, इस प्रयोग को हर उस स्टेशन पर किया जा सकता है, जहां पटरियों के बीच स्पेस ज्यादा है। जाहिरी तौर पर तो इसका लाभ ये है कि, ये यात्रियों को खुशनुमा माहौल तो देगा ही, जिससे यात्रा की थकान में बहुत हद तक राहत मिलेगी। साथ ही, इसका एक लाभ ये भी है कि, अकसर लोग प्लेटपॉर्म क्रॉस करने के लिए मार्ग से जाने का प्रयास कर लेते हैं। इस दौरान कई बार लोगों के साथ हादसे भी हो जाते हैं। लेकिन, बीच में गार्डन होने की वजह से अब ट्रेक से गुजरकर प्लेटपॉर्म पार करना संभव नहीं है। इसके अलावा, पटरियों के बीच होने वाली गंदगी से भी बड़ी राहत मिल रही है।
पीएम मोदी के सपने को साकार करने की पहल
पटरियों के बीच बने इस बगीचे में खुशबूदार फूल और औषधीय पौधे लगाए गए हैं। इसकी खुशबू स्टेशन पर महकती है, जो यात्रियों को सुकून पहुंचाने का काम कर रही है। इसी के साथ पटरियों के बीच के स्पेस में वेस्ट मटीरियल से कुछ स्कल्पचर्स भी बनाए गए है। ये स्कल्पचर्स भी लोगों को खासा आकर्षित कर रहे हैं। खेमराज मीना का कहना है कि, वेस्ट मटेरियल से स्कल्पचर बनाकर स्टेशन ने पीएम मोदी की 'वेस्ट से बेस्ट' की परिकल्पना को भी साकार किया है। यहां कबाड़ के सामान से सुंदर कलाकृतियां तैयार की गई हैं, जो लोगों को खासा आकर्षित कर रही हैं।
शहर के लिए पहल
खास बात ये है कि, स्टेशन पर आने वाले यात्री जब इसे देखते हैं, तो वो गार्डन की सुंदरता को देखकर आश्चर्य से भर जाते हैं। पीआरओ खेमराज मीना के अनुसार, जिस तरह इंदौर स्वच्छता और खूबसूरती के मामले में अच्छा शहर है। ऐसे में यहां के रेलवे स्टेशन को भी खूबसूरत और पैंसेजर फ्रेंडली बनाना हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि, रतलाम रेल मंडल की ओर से किया गया ये पहला प्रयोग है। अगर इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए, तो जल्द ही इस तरह के ईको फ्रेंडली गार्डन को अन्य स्टेशनों पर भी विकसित किया जाएगा।
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जल्द ही स्टेशन पर मिलेंगी एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं
आपको बता दें कि, इसके अलावा भी इंदौर रेलवे स्टेशन एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित करने की तैयारी की जा रही है। स्टेशन को सभी तरह की अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। मध्य भारत का ये पहला स्टेशन होगा, जिसे यात्रियों की सुविधा के तहत एयरपोर्ट की तर्ज पर सुविधाएं दी जाएंगी।
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Updated on:
21 Oct 2021 09:21 pm
Published on:
21 Oct 2021 07:32 pm
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