
मिलावट से मुक्ति अभियान को गति देकर और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। इंदौर में दूध विक्रय करने वाली सभी डेयरियों में दूध की गुणवत्ता (फैट) चेक करने की मशीनें लगाना अनिवार्य होगा। इस संबंध में धारा-144 के अंतर्गत प्रतिबंधात्मक आदेश भी जारी किया जाएं। यह आदेश कलेक्टर आशीष सिंह ने खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम के तहत गठित जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक में दिए। मिलावट संबंधी सूचनाएं प्राप्त करने के लिए वॉट्सऐप हेल्प लाइन नंबर 9406764084 भी जारी किया। इस नंबर पर मिलावट संबंधी जानकारी दे सकते हैं। साथ ही नगर निगम के ऐप 311 तथा आहार ऐप में भी सूचनाएं एकत्रित करने की व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
कलेक्टर ने कहा, हर तरह के खाद्य पदार्थों की जांच हो। सभी तरह के खाद्य पदार्थ जांच के दायरे में लिए जाएं। असुरक्षित तथा अमानक खाद्य पदार्थ बनाने वालों को किसी भी हाल में छोड़ा नहीं जाए। बैठक में कलेक्टर सिंह ने ईट राइट चैलेंज प्रतियोगिता के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाली शासकीय और अशासकीय संस्थाओं को प्रमाण पत्र वितरित किए।
8203 किलो खाद्य सामग्री जब्त
मिलावट से मुक्ति अभियान के अंतर्गत एक वर्ष में अमानक तथा असुरक्षित 8203 किलो खाद्य सामग्री जब्त की गई। इसका मूल्य लगभग 11 लाख रुपए है। न्यायालयीन कार्रवाई के तहत 91 प्रकरण दर्ज कराए। इसमें से 61 प्रकरणों में निर्णय हुआ। इन प्रकरणों में 70 लाख रुपए का अर्थदंड किया गया।
Updated on:
10 Feb 2024 09:01 am
Published on:
10 Feb 2024 09:00 am
बड़ी खबरें
View Allइंदौर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
