
Love Triangle: मध्यप्रदेश के इंदौर मेंशिप्रा थाना इलाके से लापता हुई बी-फॉर्मा की छात्रा सैयद सहारा की हत्या की गुत्थी आखिरकार सुलझ गई है। पुलिस ने सैयद सहारा की हत्या की मिस्ट्री को सुलझाते हुए चौंका देने वाला खुलासा किया है। सैयद सहारा की हत्या लव ट्रायंगल के चलते उसके ही प्रेमी व उसकी माशूका ने की थी। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है और उन्होंने अपना जुर्म भी कबूल कर लिया है।
पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 19 साल की सैयद सहारा सिक्स लेन बायपास स्थित एक्रोपोलिस कॉलेज से बीफॉर्मा कर रही थी। 25 अप्रैल को अचानक सैयद सहारा लापता हो गई थी। वो घर से कॉलेज जाने का कहकर निकली थी और फिर कुछ देर बाद उसका मोबाइल बंद हो गया था। मामले की तफ्तीश के दौरान पुलिस को सैयद सहारा के कॉलेज के ही साथी वाले 23 साल के गौरव सुभाष सरकार पर शक हुआ। पुलिस ने उसे पकड़कर पूछताछ भी की लेकिन वो गुमराह करता रहा और बाद में फरार हो गया। करीब दो महीने की मशक्कत के बाद पुलिस ने गौरव को नासिक की एक होटल से लोकेशन के आधार पर गिरफ्तार कर लिया। जिसके बाद हुई पूछताछ में आरोपी गौरव ने अपना जुर्म कबूल लिया है।
गौरव ने पुलिस को बताया कि सैयद सहारा और उसके बीच प्रेम प्रसंग चल रहा था। लेकिन इसी दौरान वो मेडिकेप कॉलेज की छात्रा स्निग्धा सुनील मिश्रा से भी रिलेशन में था। सहारा दूसरे लड़कों से भी बात करती थी। यह उसे पसंद नहीं था। जब भी सहारा किसी लड़के से बात करते पकड़ी जाती या उसे कहीं जाना होता तो वह अपने घर यह कह देती थी कि वह गौरव के साथ थी। जिसके कारण हर बार सहारा के परिवारवाले गौरव को धमकाते व बुरा भला कहते थे इसलिए उसने स्निग्धा के साथ मिलकर सहारा के मर्डर की प्लानिंग की।
सहारा को रास्ते से हटाने की प्लानिंग करने के बाद गौरव और स्निग्धा ने प्लानिंग के तहत 25 अप्रैल की सुबह घूमने के बहाने सहारा को बुलाया और कार में बैठाते ही उसका मोबाइल बंद करा दिया। इसके बाद वो उसे लेकर सुनसान जगह पहुंचे जहां कार में ही गौरव ने सहारा का गला दबाया और स्निग्धा ने उसके हाथ पकड़े। इसके बाद गले पर चाकू से वार किया और लाश को बोरे में भरकर जंगल के पास झाड़ियों में फेंक दिया था। आरोपियों ने यह भी बताया है कि वो पहले सहारा को ओंकारेश्वर की खाई में फेंककर मारना चाहते था लेकिन उसमें सफल नहीं हुए। बता दें कि 10 जुलाई को दोनों आरोपियों को पकड़ने के बाद पुलिस उन्हें हरसोला फाटा के जंगल में लेकर पहुंची थी जहां उनकी निशानदेही पर शव फेंकने वाले स्थान की छानबीन की। करीब 18 घंटे चली सर्चिग के बाद मानव हड्डियां, बाल के अलावा ब्रेसलेट आदि मिले। इसी आधार पर पहचान करने की कोशिश की गई।
Updated on:
12 Jul 2024 10:36 pm
Published on:
11 Jul 2024 07:02 pm
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