2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

2470 करोड़ रुपए में बिछ रहा नया ट्रैक, पहाड़ी इलाके में रेलवे ने फिर शुरु किया काम

रेल प्रोजेक्ट की लागत बढ़ी, करोड़ों का बजट मंजूर  

2 min read
Google source verification
trains.png

करोड़ों का बजट मंजूर

इंदौर। करोड़ों का बजट होते हुए भी दो साल से ठंडा पड़ा महू-सनावद रेल प्रोजेक्ट फिर शुरु हो रहा है. इसके अंतर्गत डा. आंबेडकर नगर महू से सनावद के बीच ब्राडगेज लाइन बिछाने का काम किया जाना है. रेलवे के पास इस परियोजना के लिए करोड़ों रुपये का बजट भी पड़ा हुआ है. ऐेसे में इस रेल लाइन के लिए सर्वे चालू किया गया है. तीसरी बार शुरु हुए सर्वे के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि सनावद से मुख्तयारा बलवाड़ा के बीच के हिस्से में इस बार काम शुरू हो जाएगा.

2008 में रतलाम-इंदौर-महू-सनावद-खंडवा-अकोला बड़ी लाइन प्रोजेक्ट मंजूर हुआ था. तब इसकी लागत 1400 करोड़ रुपये थी. अब महज महू-सनावद प्रोजेक्ट में ही 2470 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च होने का अनुमान है. इस प्रोजेक्ट में महू को खंडवा से जोड़ा जा रहा है. रेलवे अधिकारियों के अनुसार मथैला खंडवा से सनावद तक ब्रॉडगेज परिवर्तन का काम पूर्ण हो भी चुका है.

यह भी पढ़ें : पूरे 170 किमी घट जाएगी मुंबई की दूरी, नई लाइन से महज 9 घंटे में तय होगा सफर

सनावद से महू के बचे हुए ब्रॉडगेज परिवर्तन रेल मार्ग को पायलेट प्रोजेक्ट में शामिल करने की मांग की जा रही है, ताकि इसके काम को गति मिल सके. रेलवे के अधिकारी बताते हैं कि प्रोजेक्ट के लिए रेलवे ने पहले 250 करोड़ और 85 करोड़ रुपये अतिरिक्त जारी किए, लेकिन मंडल के कंस्ट्रक्शन विभाग के पास इस प्रोजेक्ट के लिए सही वर्क मैप ही नहीं है.

विशेषज्ञ बताते हैं कि महू-सनावद ब्राडगेज लाइन प्रोजेक्ट में कई तकनीकी दिक्कतें आ रहीं हैं. इसी कारण बार बार सर्वे करना पड़ रहा है. इसके लिए दो बार सर्वे हो चुका है. अब तीसरी बार सर्वे शुरु हुआ है. दरअसल महू-सनावद रेलखण्ड पहाड़ी इलाके में आता है. घाट सेक्शन होने के कारण ट्रेक का झुकाव भी देखना पड़ रहा है और यहां टनल भी बनाई जाना है. इस रेल लाइन के शुरु हो जाने से रोज हजारों लोगों की सुविधा बढ़ जाएगी.

रेलवे अधिकारी बताते हैं इस प्रोजेक्ट के लिए बजट है. रेलवे के पास करोड़ों का फंड है. तकनीकी दिक्कतों से काम नहीं हो पाया था लेकिन अब काम में गति आ गई है.