
UP BJP leaders are busy in Karnataka election 2018
इंदौर. भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के नगर अध्यक्ष मंजूर अहमद की नई कार्यकारिणी का बवाल खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। विरोध में पांच नंबरी नेता भी दीनदयाल भवन पहुंच गए जिन्होंने कड़ी नाराजगी जाहिर की। काफी देर चले हंगामे के बाद नगर भाजपा अध्यक्ष कैलाश शर्मा ने आश्वासन दिया कि अब दोनों कार्यकारिणी भंग कर नई बनाई जाएंगी।
4 मई को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह व संगठन महामंत्री रामलाल भोपाल आ रहे हैं। उनकी मौजूदगी में नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष व सांसद राकेश सिंह पदभार ग्रहण करेंगे। इसको लेकर कल दीनदयाल भवन में एक बैठक बुलाई गई थी जिसमें शहर के प्रमुख नेता मौजूद थे। बैठक के बाद पांच नंबरी भाजपाइयों ने घेराबंदी कर दी। पूर्व आईडीए संचालक राजेश उदावत, मंडल अध्यक्ष सुनिल वर्मा के साथ में अल्पसंख्यक मोर्चा के नेता भी थे। शर्मा से चर्चा के दौरान नेताओं ने मोर्चे की नई कार्यकारिणी को लेकर विरोध जताया। कहना था कि पांच नंबर से सारे पदाधिकारियों को हटा दिया गया। रेहान चौधरी को बनाया गया जो कुछ समय पहले ऑनलाइन सट्टा संचालन में पकड़ाया जा चुका है।
मैं धरने पर बैठ जाऊंगा
पुरानी टीम में महामंत्री बनाए गए असलम टीवी का कहना था कि साहब ये कार्यकारिणी बनी रही तो मैं धरने पर बैठ जाऊंगा। २५ साल मेहनत के बाद हमें जब पद मिला और कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकाला। अब पार्टी वापस ले रही है जिसकी खबर से सिर नीचा करके जाना पड़ रहा है। हमारी तो हंसी उड़ रही है। मंडल अध्यक्ष वर्मा का कहना था कि गुंडों से ही काम करा लेना, कार्यकर्ता सब घर बैठ जाएंगे। इस बीच में पूर्व अध्यक्ष मुबारिक खान की पत्नी तस्लीमा पहुंच गई। उनका कहना था कि मेरे पति बोलते थे कि पार्टी हमेशा हमारा साथ देगी, लेकिन सालभर हो गया उन्हें गए। कोई भी अब तक सुध लेने कोई नहीं आया। मेरे बेटे के हत्यारों के साथियों को पदाधिकारी बना दिया गया। तीन दिन से भटक रही हूं कोई सुनने को तैयार नहीं है।
वहीं, मौजूद चार नंबर के मंडल अध्यक्ष महेश कुकरेजा भी बोल पड़े कि इरशाद को पदाधिकारी बना दिया। उसे तो बूथ क्या होते हैं ये भी नहीं मालूम है। आखिर में शर्मा का कहना था कि हमने प्रदेश अध्यक्ष सन्नवर पटेल से बात कर ली है। दोनों ही कार्यकारिणी को भंग करके नई बनाई जाएगी। उसमें वरिष्ठ नेताओं से नाम लिए जाएंगे।
माहौल बनाने का प्रयास
अल्पसंख्यक मोर्चा में चल रहे बवाल के पीछे नगर भाजपा अध्यक्ष शर्मा की खासी भूमिका है। मोर्चा नगर अध्यक्ष मंजूर की बगैर सहमति के पहले तो उन्होंने अपनी पसंद से कार्यकारिणी का गठन कर दिया। बाद में एहमद ने दो नंबरी नेताओं के कहने पर नई टीम की घोषणा कर दी जिससे शर्मा की किरकिरी हो गई। इससे नाराज शर्मा ने मंजूर की टीम को भंग करने की रणनीति बनाई और अपने खास समर्थकों को काम पर लगा दिया। उन्होंने ही पांच नंबर भाजपा के नेताओं से बात की। इधर, मुबारिक खान की पत्नी तस्लीमा की नाराजगी का फायदा उठाकर माहौल तैयार करने का प्रयास किया गया। इसके जरिए वे एहमद की कार्यकारिणी को भंग कर अपनी मर्जी से फिर टीम का गठन कर सके। अप्रत्यक्ष तौर पर वे दो नंबरी भाजपाइयों को डिफिट देने के मूड में हैं।
Published on:
2 May 2018, 7:27 PM IST
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