
ये दर्जनों चीनी एप्स चुरा लेते हैं निजी डाटा! आपके फोन में भी हैं तो तुरंत करें डिलीट
इंदौर/ खूफिया एजेंसियों ने भारत में लोकप्रीय 52 चाइनीज एप्स को लेकर इंटरनेट यूजर्स के लिए बड़ा खतरा बताया है। खूफिया एजेंसियों के मुताबिक, इन एप्स से यूजर का जरूरी डाटा चोरी होने का खतरा है। इन सभी चीनी एप्स से चीन की बहुत बड़ी कमाई जुड़ी है। चीन के बड़े बड़े निवेशकों की इन एप्स में पूजी लगी हुई है। अगर मध्य प्रदेश की ही बात करें, तो यहीं इन एप्स का इस्तेमाल लाखों यूजर्स करते हैं। इन सभी एप्स को लेकर बीते दिनों इंदौर पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) हरिनारायण मिश्र ने भी सुरक्षा के मद्देनजर लोगों से इन्हें डिलीट करने के आदेश दिये थे। हालांकि, कुछ कारणों के चलते ये आदेश थोड़ी ही देर बाद वापस भी ले लिया गया था।
चीनी अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा असर
अगर भारत के करोड़ों यूजर्स इन चाइनीज एप्स को अपने फोन से अन इंस्टॉल कर देते हैं, तो इसका गहरा असर चीन के धनकुबेरों पर पड़ेगा। फिलहाल, अभी ये आंकलन करना मुश्किल है कि भारत में इन एप्स के इस्तेमाल न करने से कितना नुकसान होगा, लेकिन ये बात सिद्ध है कि, इससे चीन की अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ेगा।
गृह मंत्रालय भी दे चुका है नसीहत
बीते दिनों गृह मंत्रालय ने भी कहा था कि, चीनी निवेशकों द्वारा संचालित इन 52 मोबाइल एप्स से यूजर के मोबाइल फोन से व्यक्तिगत और अन्य डाटा चुराए जाने की संभावना है। ऐसे में सलाह दी जाती है कि अपने व्यक्तिगत डाटा की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इन एप्स को मोबाइल से तुरंत हटा दिया जाए।
ये मोबाइल एप्स पहुंचा सकते हैं नुकसान
इस सूची में टिक टॉक, बिगो लाइव, शेयर इट, ब्यूटी प्लस, हेलो, यूसी ब्राउजर, यूसी न्यूज, वीवा वीडियो, ईएस फाइल एक्सप्लोरर, डीयू बैटरी सेवर, 360 सिक्योरिटी, क्लैश ऑफ किंग्स, सेल्फी सिटी, एमआई स्टोर, वायरस क्लीनर, वंडर कैमरा, मेल मास्टर, एमआई कम्यूनिटी और पैरलल स्पेस जैसे प्रचलित एप्लीकेशन्स के नाम शामिल हैं।
Published on:
21 Jun 2020, 6:03 PM IST
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