
अमरीका और चीन की लड़ाई आपकी काटेगी जेब, जानिए कैसे...
नई दिल्ली। दुनिया की दो सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्तियों के बीच अजीब तरह का युद्घ चल रहा है। जिसे मौजूदा समय की भाषा में ट्रेड वॉर का नाम दिया गया है। जिसमें दो देश एक दूसरे से आने वाली वस्तुओं पर आयात शुल्क बढ़ाते हैं। अमरीका और चीन इसी युद्घ में एक दूसरे की इकोनॉमी को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन इस युद्घ का असर आम लोगों पर भी काफी पड़ रहा है और आगे भी पड़ सकता है। वास्तव में जिस तरह से अमरीका की ओर से चीन पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाई है उससे अमरीकी कंपनियों के चीन में बनने वाले सामान की कीमतों में आराम से दिखाई दे सकता है। क्योंकि इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ेगी तो कंपनी का मुनाफा कम होगा। जिसे बढ़ाने के लिए कंपनी प्रोडक्ट के कॉस्ट को बढ़ाएगी। आपको बता दें कि अमरीकी ब्रांड का काफी सामान चीन के कारखानों में तैयार हो रहा है...
इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स की कीमतों में इजाफा
कई ऐसी अमरीकी कंपनियां हैं जिनका नाम इलेक्ट्रोनिक आइटम बनाने के लिए मशहूर है। लेकिन उन कंपनियों के सामान की मैन्यूफेक्चरिंग चीन में होती है। अब जिस तरह से अमरीका ने चीन के खिलाफ आयात शुल्क बढ़ाया है उसका असर प्रोडक्ट की कीमतों में साफ दिखाई दे सकता है। एक्सपर्ट के अनुसार ऐसे इलेक्ट्रॉनिक आइटम की कीमत में 15 से 20 फीसदी तक कॉस्ट बढ़ सकती है।
एलसीडी टीवी
अमरीका की कई एलसीडी टीवी बनाने वाली कंपनियां हैं जो असेंबलिंग का काम चीन में कराती हैं या फिर टीवी के पुर्जे इंपोर्ट करती हैं। अमरीका और चीन के बीच के रिश्ते किस तरह के हो गए हैं यह किसी को बताने की जरुरत नहीं हैै। ऐसे में अब एलसीडी टीवी के पाट्र्स चीन से आते हैं तो कंपनियों के प्रोडक्शन कॉस्ट में इजाफा होने के आसार हैं। ऐसे में आपको अमरीकी कंपनियों का टीवी 10 फीसदी तक महंगा पड़ सकता हैै।
लग्जरी घडिय़ां
लग्जरी घडिय़ों का शौक रखने वाले खासकर अमरीकी घडिय़ों का शौक रखने वाले लोगों को भी जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ सकती है। हेगर जैसी कई कंपनियां अपनी घडिय़ों की मैनुफैक्चरिंग चीन से कराती हैं। इंपोर्ट ड्यूटी बढऩे के बाद इस कंपनियों की घडिय़ों में 5 से 7 फीसदी का इजाफा देखने को मिल सकता है।
मोबाइल फोन
क्या आपको पता है कि जो आप आईफोन इस्तेमाल कर रहे हैं वो चीन में तैयार होता है। उसके बाद अमरीका में जाता है। उसके बाद पूरी दुनिया में सप्लाई होता है। ऐसी कई अमरीकी कंपनियां हैं जो चीन में अपने फोन को असेंबल कराती हैं। अब अमरीका ने चीन पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ गई हैं। जिसकी वजह से कंपनियों का मुनाफा कम हो जाएगा। जिसे पूरा करने के लिए फोन की कॉस्ट को बढ़ाएंगी। ऐसे में आने वाले दिनों में आईफोन से लेकर बाकी अमरीकी फोन पर आपको 5 फीसदी ज्यादा कॉस्ट देनी पड़ सकती है।
लग्जरी कार की कीमतों में हो सकता है इजाफा
अगर बात लग्जरी कारों की बात करें तो चीन में कई ऐसी अमरीकी कंपनियां हैं जिनकी गाडिय़ा बनने के साथ उनके पाट्र्स भी अमरीका में आयात होते हैं। अब जब अमरीका ने आयात शुल्क बढ़ा दिया है, उसकी वजह से गाडिय़ों के बनाने में लगने वाली कॉस्ट में भी इजाफा होगा। जिसका असर गाडिय़ों की कीमतों पर पड़ेगा। जानकारों की मानें तो आने वाले दिनों में गाडिय़ों की कीमतों में 15 से 20 फीसदी का इजाफा हो सकता है।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट
एजेंल ब्रोकिंग कमोडिटी एंड रिसर्च के डिप्टी वाइस प्रेसीडेंट अनुज गुप्ता की मानें तो अमरीका द्वारा चीन पर लगाए आयात शुल्क का असर आम लोगों की जिंदगी पर काफी असर डालेगा। खासकर उन सामानों पर जिन्हें हम अमरीका से मंगाते हैं और जिनका प्रोडक्शन या असेंबल अमरीका से होता है। उन कंपनियों की प्रोडक्शन कॉस्ट में इजाफा होगा। जिसका भार कंज्यूमर पर पड़ेगा।
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Updated on:
16 May 2019 07:09 am
Published on:
16 May 2019 05:46 am
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