
जेट एयरवेज की खस्ता हालत पर बोइंग ने जताई चिंता
नई दिल्ली। अमरीकी विमान निर्माता कंपनी बोइंग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि भारतीय विमान सेवा कंपनी जेट एयरवेज की खस्ताहाली से विमान निर्माता चिंतित है और वह स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। बोइंग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष तथा एशिया-प्रशांत क्षेत्र के लिए उसके विपणन प्रमुख दिनेश केसकर ने शुक्रवार को दिल्ली में एक कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं को बताया कि जेट के घटनाक्रम को लेकर हम चिंतित हैं और हम इस पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि उनकी चिंता किसी मौजूदा या भविष्य के ऑर्डर को लेकर नहीं है, लेकिन यह स्थिति चिंताजनक है।
बोइंग से 225 विमान खरीद रही है स्पाइसजेट
केसकर ने बताया कि जेट एयरवेज से बोइंग के पास 225 विमानों के ऑर्डर हैं, जिनमें छह की डिलिवरी हो चुकी है और 219 की डिलिवरी शेष है। उन्होंने बताया कि कंपनी के पास भारत से करीब 450 विमानों के ऑर्डर हैं। इसमें स्पाइसजेट की तरफ से 205 विमानों के ऑर्डर में से एक डिलिवरी शुक्रवार को की गई है। विस्तारा ने भी बोइंग विमान के ऑर्डर दिए हैं।
जेट एयरवेज ने सरकार से नहीं मांगी मदद: चौबे
इस बीच नागरिक उड्डयन सचिव राजीव नयन चौबे ने बताया कि जेट एयरवेज ने अब तक सरकार से किसी प्रकार की राहत की मांग नहीं की है। आपको बता दें कि जेट एयरवेज पिछले कुछ समय से नकदी की किल्लत से गुजर रही है। वह पायलटों तथा अन्य कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं दे पा रही है तथा साल की पहली छमाही में 2,300 करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान उठा चुकी है। इसके अलावा राजीव नयन चौबे ने बताया कि पचास हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के कर्ज में डूबी सरकारी विमान सेवा कंपनी एयर इंडिया को पटरी पर लाने के लिए सरकार एक योजना तैयार कर रही है, जिसे इस महीने के अंत तक अंतिम रूप दे दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि एयर इंडिया को किस्तों में पैकेज दिया जा सकता है। साथ ही योजना के तहत सरकारी एयरलाइन की लागत घटाने पर पूरा ध्यान होगा। उन्होंने बताया कि इसके अलावा कंपनी का राजस्व बढ़ाने के लिए भी एक योजना पर विचार किया जा रहा है।
Updated on:
12 Oct 2018 06:26 pm
Published on:
12 Oct 2018 06:26 pm
