सातवें वेतन आयोग से मालामाल हुए लोग, कारों की जमकर खरीदारी

सातवें वेतन आयोग से मालामाल हुए लोग, कारों की जमकर खरीदारी

| Publish: Jul, 10 2018 05:57:54 PM (IST) इंडस्‍ट्री

सातवां वेतन आयोग लागू होने के कारण लोगों की व्यय शक्ति में वृद्धि तथा अच्छे मानसून की उम्मीद के चलते जून महीने में देश में यात्री वाहनों की बिक्री में 2009 के बाद सबसे बड़ी तेजी दर्ज की गई है।

नई दिल्ली। सातवां वेतन आयोग लागू होने के कारण लोगों की व्यय शक्ति में वृद्धि तथा अच्छे मानसून की उम्मीद के चलते जून महीने में देश में यात्री वाहनों की बिक्री 37.54 फीसदी बढ़ी है जो वर्ष 2009 के बाद की सबसे बड़ी तेजी है। वाहन निर्माता कंपनियों के संगठन सियाम की ओर से मंगलवार को जारी आंकड़ों के अनुसार इस साल जून में घरेलू बाजार में 2,73,759 यात्री वाहन बिके, जबकि पिछले साल इसी महीने में 1,99,036 यात्री वाहन बिके थे। यात्री वाहनों में कार, उपयोगी वाहन और वैन को शामिल किया जाता है।

जीएसटी लागू होने के बाद बढ़ी बिक्री

सियाम के महानिदेशक विष्णु माथुर और उपमहानिदेशक सुगातो सेन ने बताया कि इस महीने वाहनों की बिक्री का प्रतिशत मजबूत रहने का एक कारक पिछले साल जून में इसमें आई गिरावट भी रहा है। पिछले साल एक जुलाई से वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू हुआ था। जीएसटी के बाद कीमतों में कमी की उम्मीद में ग्राहकों में खरीद स्थगित कर दी थी और इसीलिए जून 2017 में बिक्री बेहद कम रही थी। इस साल जून में यात्री कारों की बिक्री 34.21 फीसदी बढ़कर 1,83,885 पर पहुँच गई। यह अक्टूबर 2010 के बाद की सबसे बड़ी तेजी है। उपयोगी वाहनों की बिक्री 47.11 फीसदी बढ़कर 73,654 इकाई और वैनों की बिक्री 35.64 फीसदी बढ़कर 16,220 इकाई हो गई।

दुपहिया वाहनों की बिक्री 22.28 फीसदी बढ़ी

दुपहिया वाहनों की बिक्री 22.28 फीसदी बढ़कर 18,67,884 इकाई पर पहुंच गई। इसमें मोटरसाइकिलों की बिक्री 24.32 फीसदी की तेजी के साथ 11,99,332 इकाई, स्कूटरों की 20.96 फीसदी की तेजी के साथ 6,01,761 इकाई और मोपेड की 2.28 फीसदी बढ़कर 18,67,884 इकाई रही। वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री में भी जबरदस्त तेजी देखी गई है। जून में 30,352 मध्यम तथा भारी वाणिज्यिक वाहन बिके, जो पिछले साल जून की तुलना में 43.34 फीसदी अधिक है। हल्के वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री 40.76 फीसदी बढ़कर 50,272 इकाई पर रही। माथुर ने कहा कि वाणिज्यिक वाहनों के संबंध में आधारभूत चीजें सकारात्मक दिख रही हैं। अच्छे मानसून की उम्मीद है। चुनावी साल होने के कारण बुनियादी ढांचों पर सरकारी निवेश बढ़ने की संभावना है। आम तौर पर चुनावी साल में सरकारी तथा निजी व्यय बढ़ जाता है। इसलिए इस खंड की गति बने रहने की उम्मीद है।

तिपहिया वाहनों की बिक्री में भारी उछाल

तिपहिया वाहनों की बिक्री 55.89 फीसदी बढ़कर 56,884 इकाई पर पहुंच गई। इस प्रकार सभी खंडों के सभी वाहनों की कुल बिक्री 22,79,151 इकाई रही, जो जून 2017 से 25.23 फीसदी अधिक है। कुल निर्यात 32.58 फीसदी बढ़कर 3,94,983 रहा। इसमें वाणिज्यिक वाहनों का निर्यात 54.02 फीसदी, तिपहिया वाहनों का 67.37 फीसदी और दुपहिया वाहनों का 39.78 फीसदी बढ़ा। हालांकि, यात्री वाहनों का निर्यात 9.12 फीसदी घटकर 56,592 इकाई रह गया। सियाम ने चालू वित्त वर्ष में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की विकास दर 7.5 फीसदी रहने की उम्मीद जताई है। उसने कहा है कि जीडीपी विकास गति पकड़ रही है जिससे वाहन उद्योग को भी गति मिलेगी। वहीं, उसने कच्चे माल की बढ़ती कीमतों, वाहन ऋण पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और खुदरा महंगाई बढ़ने की आशंका को लेकर चिंता भी जताई है।

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