
इटारसी. सतना जाने वाली मेमू को अपने पहले स्टेशन इटारसी से ही यात्री नहीं मिल रहे हैं। ट्रेन को शुरू हुए दो माह हो रहे हैं। रेलवे इस ट्रेन पर रोज लाखों रुपए की बिजली खर्च कर रही है। इटारसी से यात्री नहीं मिलने की वजह टाइमिंग है। यात्रियों का सफर भी कष्टदायी होने के कारण वे रेलवे प्रशासन को कोसते रहते हैं। ट्रेन इटारसी से सुबह 4.30 बजे चलकर गाडरवारा 100 किमी करीब 2.50 घंटे में पहुंचती है।
ट्रेन में जबलपुर जा रहे यात्री राजेश शर्मा ने बताया कि ट्रेन में बैठते ही यात्री रेलवे और जनप्रतिनिधियों को कोसने लगते हैं। मेमू इटारसी से कटनी तक और फिर कटनी से सतना तक, फिर सतना से कटनी और फिर कटनी से इटारसी तक चलाया जाता है। रोजाना ट्रेन जबलपुर 1 घंटे, तो कटनी 1.30 घंटे लेट पहुंचती है। इटारसी से जबलपुर यह ट्रेन 7 घंटे में पहुंचती है, जबकि इसके पीछे चलने वाली इंटरसिटी और सोमनाथ इतनी ही दूरी 3.30 घंटे में पूरी कर लेती है।
पुरानी इटारसी निवासी चेतन पटेल के अनुसार ट्रेन का इटारसी को कोई फायदा नहीं मिल रहा है। अगर रेलवे इसे इटारसी से भोपाल तक चला देती, तो अधिक फायदे में रहती है। यात्रियों की नाराजगी का कारण इसकी इटारसी से गलत टाइमिंग सुबह 4.30 बजे है। वही कुछ कारण ऐसे हैं, जिसका लाभ इस ट्रेन से यात्रियों को नहीं मिल पा रहा है।
इंटरसिटी और सोमनाथ लोगों की पहली पसंद
इटारसी से इंटरसिटी और सोमनाथ जबलपुर जाने वाले यात्रियों की पहली पसंद है। इसमें सबसे अधिक भीड़ रहती है। वजह सही टाइमिंग और आरामदायक सफर है। भोपाल, हबीबगंज से लेकर इटारसी तक के अपडाउनर्स और सामान्य यात्री पिपरिया, करेली, गाडरवारा और जबलपुर तक इन दोनों ट्रेनों को पसंद करते हैं। इटारसी से ये दोनों ट्रेनें फूल चल रही है।
1. मेमू में सीटें आरामदायक नहीं हैं और इसमें डिब्बों की संख्या कम है। इससे यात्रियों को सीट नहीं मिल रही। इतना ही नहीं यात्रियों को खचाखच भर रही ट्रेन में चढऩे में समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
2. मेमू को इटारसी से सतना तक चलाने से लंबी दूरी का सफर बैठकर करना असंभव है। मेमू में बैठने की जगह कम है और खड़े रहने की अधिक है। खड़े या बैठकर छह घंटे का सफर करना मुश्किल है।
3. यात्रियों को दूसरी ट्रेनों में जनरल टिकट और एमएसटी सुविधा नहीं मिल रही है। वहीं सीनियर सिटीजन, दिव्यांग की रियायती यात्रा समेत अन्य रियायतें भी बंद कर दी हैं जबकि सांसदों और विधायकों को मुफ्त यात्रा की सुविधा जारी रखी है। इससे यात्रियों में भारी आक्रोश है।
मेमू की गलत टाइमिंग होने से यात्रियों को लाभ नहीं मिल रहा है। वैसे भी मेमू के बाद दो ट्रेन इंटरसिटी और सोमनाथ हैं, जो पहले जबलपुर पहुंच जाती हैं। अगर मेमू को इटारसी से भोपाल के बीच चार फेरों में रेलवे चलाती तो, यात्रियों को अधिक फायदा होने के साथ ही रेलवे की आय में भी बढ़ोत्री होती।
-राजा तिवारी, सदस्य, पमरे जोनल सलाहकार समिति, इटारसी
इटारसी रेलवे स्टेशन से कटनी होकर सतना तक जनरल कोच वाली मेमू ट्रेन शुरू की गई है। इसकी टाइमिंग रेलवे मंत्रालय द्वारा तय की गई है। इस ट्रेन को इटारसी रेलवे स्टेशन के अलावा बीच के अन्य छोटे-छोटे रेलवे स्टेशनों के रेल यात्रियों की सुविधा के लिए चलाया जा रहा है।
-राहुल जयपुरियार, सीपीआरओ, इटारसी
Updated on:
11 Nov 2021 02:16 pm
Published on:
11 Nov 2021 02:08 pm
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