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Health Update : ब्रेन ट्यूमर, लकवा, ब्रेन स्ट्रोक की यहां होती है मुफ्त सर्जरी, 400 का सफल इलाज

Health Update : ब्रेन ट्यूमर, लकवा, ब्रेन स्ट्रोक की यहां होती है मुफ्त सर्जरी, 400 का सफल इलाज

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Health Update: Free surgery

Health Update: Free surgery

जबलपुर . मिर्गी, ब्रेन ट्यूमर, लकवा, ब्रेन स्ट्रोक आदि घातक बीमारियों में मरीजों का दर्द मिटाकर उनके चेहरे पर जबलपुर के डॉक्टर मुस्कान ला रहे हैं। जबलपुर नर्वस सिस्टम की जटिल बीमारियों के उपचार का बड़ा केंद्र बन गया है। कई बीमारियों का इलाज सरकारी अस्पतालों के स्तर पर प्रदेश में केवल मेडिकल कॉलेज जबलपुर के सुपरस्पेशलिटी अस्पताल में ही सुलभ है। इसी कारण न्यूरोलॉजी से संबंधित कई मरीजों को इलाज के लिए भोपाल एस से मेडिकल के सुपरस्पेशलिटी अस्पताल रेफर किया जाने लगा है।

मिर्गी की सर्जरी
मिर्गी के मरीज और उनके परिजन हमेशा तनाव में रहते हैं। उन्हें डर रहता है कि कब, कहां दौरा पड़ जाए इसका पता नहीं चलता। कुछ मरीजों को तो दवाइयों से आराम मिल जाता है, लेकिन कई को लंबे इलाज के बाद भी दौरे पड़ते रहते हैं। सुपरस्पेशलिटी अस्पताल के न्यूरो सर्जरी विशेषज्ञ मिर्गी के कई मरीजों की सफल सर्जरी कर चुके हैं। प्रदेश में मिर्गी के मरीजों की सर्जरी केवल जबलपुर में हो रही है। निजी अस्पतालों में मिर्गी की सर्जरी पर 5 से लेकर 30 लाख रुपये तक का खर्चा आता है। यहां मरीजों की नि:शुल्क सर्जरी की जा रही है।

ब्रेन स्ट्रोक का उपचार

विशेषज्ञों के अनुसार ब्रेन एन्युरिज्म ( मस्तिष्क के नसों की बीमारी) ऐसी बीमारी है, जिनके फटने से मस्तिष्क आघात ( स्ट्रोक) हो जाता है। इससे मरीज अपंग हो जाता है। कई मामलों में मृत्यु भी हो जाती है। मेडिकल के सुपरस्पेशलिटी अस्पताल में अभी तक 4 सौ के लगभग मरीजों का इलाज किया गया है। इस विधि में जांघ की नस में की-होल से एक सूक्ष्म कैथेटर पहुंचाकर मस्तिष्क के एन्यूरिज्म को अंदर से बंद कर दिया जाता है। इस विधि से चिकित्सा की सुविधा देश में कुछेक संस्थानों में ही उपलब्ध है। मरीज को किसी और प्रकार की समस्या नहीं होने पर 5-6 दिन में छुट्टी मिल जाती है। ब्रेन एन्युरिज्म का इस पद्धति से इलाज महानगरों के निजी अस्पतालों में ही संभव है, जहां इलाज पर 6-7 लाख रुपये खर्च होते हैं।

स्पास्टिसिटी का निदान

लकवा लगने से पैरों में कठोरता, टेढ़ेपन की बीमारी स्पास्टिसिटी का मेडिकल के सुपरस्पेशलिटी अस्पताल में सर्जरी से सफल इलाज हो रहा है। न्यूरो विशेषज्ञ चिकित्सकों के अनुसार लकवा के ऐसे मामलों में पैरों की नस हाइपर एक्टिव हो जाती है। सर्जरी के माध्यम से नसों इस समस्या को दूर किया जाता है। व्यक्ति फिर से चलने-फिरने लगता है। प्रदेश में स्पास्टिसिटी की बीमारी से पीड़ित मरीजों की सर्जरी की सुविधा केवल जबलपुर में है।

मिग्री, स्पास्टिसिटी की सर्जरी और ब्रेन स्ट्रोक का क्वाइलिंग तकनीक से सुपरस्पेशलिटी अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। रोगियों की पहचान व समय पर इलाज के लिए अलग से ओपीडी भी संचालित की जा रही है।
डॉ. अवधेश कुशवाहा, डायरेक्टर, सुपरस्पेशलिटी अस्पताल