सवाल : नीमच से जबलपुर आने में कोई परेशानी?
जवाब : परेशानी तो नहीं, स्वास्थ्य कुछ ख्रराब हुआ। लेकिन जुनून की वजह से यात्रा पूरी कर ली।
सवाल : अभी भी मांगें नहीं मानी गईं तो?
जवाब : भगवान एक रास्ता बंद करता है जो चार रास्ते खोलता है। प्रयास करूंगा। सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाऊंगा।
सवाल : क्या आपको लगता है कि न्यय मिल पाएगा?
जवाब : शत प्रतिशत, भारतीय न्यायपालिका सभी नागरिकों की आस्था एवं विश्वास का विषय है। कोई संशय नहीं कि मेरे साथ इंसाफ होगा।
सवाल : सुको में खर्च व वक्त अधिक लग सकता है, फिर?
जवाब : मैं स्वयं अपने मामले की पैरवी करूंगा। डर के जीने वालों की नैया पार नहीं होती।
सवाल : आप पर अनुशासनहीनता का आरोप है?
जवाब : महात्मा गांधी ने तो कानून भी तोड़ा था। मैं कानून की राह पर चलकर नियमों का पालन करने का निवेदन कर रहा हूं।