4 नवंबर 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

INDIAN RAILWAY: लोअर बर्थ के लिए जेब काटने की तैयारी में रेलवे

जबलपुर आए रेल राज्यमंत्री ने कहा चल रहा विचार  
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जबलपुर

•

image

Rahul Mishra

•

Updated: 19 Jan 2018, 5:35 AM IST

Indian Railway is trying to increase the fare for lower

Indian Railway is trying to increase the fare for lower

जबलपुर. टे्रन में लोअर बर्थ के लिए रेलवे ज्यादा चार्ज वसूलने की तैयारी कर रहा है। गुरुवार रात जबलपुर आए रेल राज्यमंत्री राजेन गोहांई ने इसके संकेत दिए। सतना से स्पेशल टे्रन में रात 8.55 बजे जबलपुर पहुंचे गोहांई ने कहा कि टे्रन में लोअर बर्थ (खिड़की वाली सीट) के लिए एक्स्ट्रा चार्ज वसूलने पर विचार हो रहा है। पत्रिका के इस सवाल के जवाब में उन्होंने यह भी कहा कि इसे लेकर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि जबलपुर-गोंदिया ब्रॉडगेज परियोजना का काम निर्धारित समयावधि में पूरा करा लिया जाएगा। सतना-पन्ना नई रेल लाइन परियोजना का शिलान्यास कर जबलपुर आए रेल राज्यमंत्री ने कहा कि नागौद तक दिसम्बर २०१९ तक का काम पूरा कराने का टारगेट तय किया गया है। पूर्व रेलमंत्री सुरेश प्रभु की ओर से दिल्ली से जबलपुर तक चलाई गई टाइगर स्पेशल के दोबारा न चलने और जबलपुर-पिपरिया के बीच बिजली की रेल कब तक शुरू की जाएंगी, को लेकर किए गए सवाल पर कुछ कहने से वे बचते दिखे। हालांकि, उनके साथ मौजूद पमरे महाप्रबंधक गिरीश पिल्लई ने इस पर कहा कि किसी भी स्पेशल टे्रन का चलना इस पर निर्भर रहता है कि वह कितनी पापुलर है। रेल राज्यमंत्री ने रात्रि विश्राम जबलपुर में किया। शुक्रवार को विमान से कोलकाता रवाना होंगे।

________________________________________________________________________

एक कोर्ट में एक ही बार के मामले पर काउंसिल का फैसला सुरक्षित

जबलपुर. मप्र स्टेट बार काउंसिल ने हाईकोर्ट क ी मुख्यपीठ जबलपुर में दो अधिवक्ता संघों के संचालन के मसले पर अपना फैसला सुरक्षित कर लिया है। मप्र हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की ओर से अध्यक्ष आदर्शमुनि त्रिवेदी व सचिव शशांक शेखर ने तर्क दिया कि एक एसोसिएशन के होते हुए दूसरी एसोसिएशन को मान्यता नहीं दी जा सकती। हाईकोर्ट एडवोकेट्स बार एसोसिएशन की ओर से सचिव प्रवीण वर्मा ने कहा कि सुको के निर्णय के प्रकाश में उन्हें मान्यता दी जा सकती है। डेमोक्रेटिक लॉयर्स फोरम की ओर से अध्यक्ष ओपी यारदव व सचिव रवींद्र गुप्ता ने तर्क दिया कि वन कोर्ट, वन बार के सिद्धांत के अनुरूप एक ही बार को मान्यता दी जा सकती है। मान्यता समिति के जगन्नाथ त्रिपाठी व आरके सिंह सैनी ने तर्कों को सुनने के बाद निर्णय सुरक्षित कर लिया।