
जबलपुर. जिले के एसपी अमित सिंह ( Jabalpur SPAmit Singh ) की पहचान एक कड़क पुलिस ऑफिसर के रूप में हैं। अपनी सख्त छवि की वजह से उन्होंने एक अलग पहचान बनाई है। लेकिन जितने वो कड़क हैं, मानवीय पहलू को लेकर उतने ही नरम हैं। अब उन्होंने एक हत्यारे की बेटी ( daughter of killer ) को पुलिस अफसर बनाने को ठानी है। सात साल की बच्ची ने एसपी के सामने पुलिस अधिकारी बनने की इच्छा जाहिर की थी।
दरअसल, सात साल की बच्ची के पिता जेल में हैं और मां अस्पताल में। लड़की के पिता अज्जू यादव ने पिछले दिनों एक शराब के नशे में अपनी एक बेटी की सड़क पर पटककर हत्या कर दी थी। अज्जू ने मासूम बिटिया की हत्या उस वक्त की थी, जब उसकी मां ने एक और बच्ची का जन्म दिया था। वो उस वक्त शहर के एक अस्पताल में भर्ती थी। बच्ची की हत्या कर वह शराब के नशे में ही अस्पताल पहुंच गया था। उसके बाद पुलिस ने उसे वहीं से गिरफ्तार कर लिया था।
सात साल की बच्ची ने सुनाई थी पूरी कहानी
उसके बाद जबलपुर एसपी अमित सिंह खुद ही वहां मामले की जांच के लिए पहुंचे थे। आरोपी की सात वर्षीय बेटी को अपने पास उन्होंने टेबल पर बैठाकर पूछताछ की थी। जिसमें बच्ची ने अपनी छोटी बहन की हत्या की पूरी कहानी एसपी को बताई थी। पिता को सामने देखकर मासूम बच्ची ने बताया था कि पिता ने ही बहन की हत्या की है।
एसपी उठाएंगे पढ़ाई का खर्च
पिता के जेल जाने के बाद बच्ची को एसपी ने रिश्तेदारों को सौंप दिया था। फिर उसे नारी निकेतन में रखा गया। बातचीत के दौरान जबलपुर एसपी अमित सिंह के सामने बच्ची ने इच्छा जाहिर की थी कि वो पुलिस अफसर बनना चाहती है। यही बात एसपी अमित सिंह के दिल को छू गया। उसके बाद एसपी ने फैसला किया है कि मासूम बच्ची की पढ़ाई का खर्च वह उठाएंगे।
अमित सिंह के हैं दो बच्चे
जबलपुर एसपी अमित सिंह के भी दो बच्चे हैं। उन्होंने यह भी फैसला किया है कि सप्ताह में एक दिन वह मासूम बच्ची को अपने आवास पर परिवार के साथ भी रखेंगे। मीडिया से बात करते हुए एसपी अमित सिंह ने कहा कि बच्ची ने बातचीत में पुलिस अफसर बनने की इच्छा जाहिर की थी। इसलिए मैं भी चाहता हूं कि रोशनी पुलिस अफसर बने। उसके सपने को पूरा करने के लिए हम पूरा प्रयास करेंगे। वह एक दिन मेरे परिवार के साथ बिताकर खुद को सहज महसूस करेगी। औऱ पुलिस अफसर के परिवार को करीब से समझ सकेगी।
समान्य बच्चों से अलग है वह
वहीं, एसपी अमित सिंह से जब पूछा गया कि वो कैसे इस बच्ची से प्रभावित हुए। तो उन्होंने बताया कि जब रोशनी से हमने बात शुरू की तो उसके जवाब प्रभावित करने वाले थे। वह सामान्य बच्चों से कुछ अलग है। उसके जवाब और इच्छा जान ही हमने उसकी मदद करने का फैसला किया है।
Published on:
04 Aug 2019 02:17 pm
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