
lakshmi ji ki aarti mp3 free download
जबलपुर। माता लक्ष्मी की कृपा हर कोई पाना चाहता है। उनके पूजन विधान से लोगों को मानसिक संतुष्टि मिलती है। इसलिए इसकी तैयारियां पहले से ही शुरू हो जाती हैं। पूजन के बाद आरती का बड़ा ही महत्व है। आरती किए बिना पूजन अधूरा माना जाता है। वहीं सोशल साइट्स पर सबसे ज्यादा सर्ज किए जाने वाले की-वर्ड में माता की आरती टॉप पर है।
जैसे-जैसे लक्ष्मी पूजन का समय नजदीक आ रहा है वैसे वैसे लोगों में लक्ष्मी माता को मनाने पूजन विधि जानने की उत्सुकता बढ़ती जा रही है। कुछ लोगों ने पुरोहितों को पूजन के लिए बुलाया है। वहीं कुछ इंटरनेट और गूगल के माध्यम से पूजन विधि व वैदिक विधान सर्च कर जान रहे हैं। ऐसे में सबसे ज्यादा गूगल पर माता लक्ष्मी की आरती व पूजन मंत्र आदि सर्च किए जा रहे हैं। अधिकतर साइट पर दीपावली 2017 ट्रेंड में बना हुआ है। इससे जुड़े हर काम सर्च हो रहे हैं। आइए हम आपको बताते हैं लक्ष्मी पूजन मंत्र एवं आरती जिसे MP3 में सबसे ज्यादा सर्च किया जा रहा है। वीडियो की अपेक्षा MP3 लोग ज्यादा डाउनलोड कर रहे हैं।
ऐसे करें डाउनलोड
Google पर जाएं और उसमें लक्ष्मी पूजा आरती टाइप करें इसके बाद MP3 लिख दे। जिससे बहुत से ऑप्शन आ जाएंगे आपके सामने। फिर आप किसी भी MP3 सॉन्ग को ओपन कर सुने और फिर उसे डाउनलोड कर ले। डाउनलोड होने के बाद इसे आप अपने मोबाइल की रिंगटोन कॉलर ट्यून भी बना सकते हैं।साथ। लोगों को बधाई देने के लिए दिवाली आरती शेयर भी कर सकते हैं।
लक्ष्मी पूजन MP3
- ॐ या सा पद्मासनस्था, विपुल-कटि-तटी, पद्म-दलायताक्षी। गम्भीरावर्त-नाभिः, स्तन-भर-नमिता, शुभ्र-वस्त्रोत्तरीया।। लक्ष्मी दिव्यैर्गजेन्द्रैः। ज-खचितैः, स्नापिता हेम-कुम्भैः। नित्यं सा पद्म-हस्ता, मम वसतु गृहे, सर्व-मांगल्य-युक्ता।।
अष्टलक्ष्मी पूजन मंत्र और विधि
अंग पूजन एवं अष्टसिद्धि पूजा की भांति हाथ में अक्षत लेकर मंत्रोच्चारण करें। ऊं आद्ये लक्ष्म्यै नम:, ओं विद्यालक्ष्म्यै नम:, ऊं सौभाग्य लक्ष्म्यै नम:, ओं अमृत लक्ष्म्यै नम:, ऊं लक्ष्म्यै नम:, ऊं सत्य लक्ष्म्यै नम:, ऊं भोगलक्ष्म्यै नम:, ऊं योग लक्ष्म्यै नम:
MP3 आरती
ॐ जय लक्ष्मी माता मैया जय लक्ष्मी माता |
तुमको निसदिन सेवत, हर विष्णु विधाता ॥
ॐ जय लक्ष्मी माता....
श्री लक्ष्मीजी की आरती उमा ,रमा,ब्रम्हाणी, तुम जग की माता |
सूर्य चद्रंमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता ॥
.ॐ जय लक्ष्मी माता....
दुर्गारुप निरंजन, सुख संपत्ति दाता |
जो कोई तुमको ध्याता, ऋद्धि सिद्धी धन पाता ॥
ॐ जय लक्ष्मी माता....
तुम ही पाताल निवासनी, तुम ही शुभदाता |
कर्मप्रभाव प्रकाशनी, भवनिधि की त्राता ॥
ॐ जय लक्ष्मी माता....
जिस घर तुम रहती हो , ताँहि में हैं सद् गुण आता |
सब सभंव हो जाता, मन नहीं घबराता ॥
ॐ जय लक्ष्मी माता....
तुम बिन यज्ञ ना होता, वस्त्र न कोई पाता |
खान पान का वैभव, सब तुमसे आता ॥
ॐ जय लक्ष्मी माता....
शुभ गुण मंदिर सुंदर क्षीरनिधि जाता |
रत्न चतुर्दश तुम बिन ,कोई नहीं पाता ॥
ॐ जय लक्ष्मी माता....
महालक्ष्मी जी की आरती ,जो कोई नर गाता |
उँर आंनद समाता,पाप उतर जाता ॥
ॐ जय लक्ष्मी माता....
स्थिर चर जगत बचावै ,कर्म प्रेर ल्याता |
रामप्रताप मैया जी की शुभ दृष्टि पाता ॥
ॐ जय लक्ष्मी माता....
ॐ जय लक्ष्मी माता मैया जय लक्ष्मी माता |
तुमको निसदिन सेवत, हर विष्णु विधाता ॥
ॐ जय लक्ष्मी माता...
Updated on:
29 Oct 2018, 3:07 PM IST
Published on:
29 Oct 2018, 3:07 PM IST
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