4 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

9 गांव के ‘900 परिवारों’ को तगड़ा झटका, नहीं मिलेगी राशि

MP News: आवास योजना में बदलाव से इन परिवारों के आशियाना के सपने को झटका लगा है। जिसके अनुसार अब भवन निर्माण के लिए राशि नहीं दी जाएगी।

2 min read
Google source verification
फोटो सोर्स: पत्रिका

फोटो सोर्स: पत्रिका

MP News: डुमना एयरपोर्ट से लगा क्षेत्र वीआईपी इलाके में तब्दील हो रहा है, बड़े होटल खुल रही हैं, लग्जरी आवासों वाली प्रियदर्शनी कालोनी बनी है, कारपोरेट डिजाइन के कार्यालय और संस्थान भवन बन रहे हैं। दूसरी ओर आसपास ड़ुमना, महगवां, चंडी टोला, गधेरी, आमाटोला में हर तरफ लोग टूटे-फूटे झोपड़ीनुमा कच्चे मकानों में रहने मजबूर हैं।

नगर निगम के वार्ड 79 के इस क्षेत्र के रहवासियों को पीएम आवास योजना का लाभ ही नहीं मिला। निगम सीमा के इन ग्रामीणों का कहना है कि कई बार पीएम आवास योजना के फॉर्म भरवाने के बाद भी भवन निर्माण स्वीकृत नहीं हुए। वहीं कुछ अन्य परिवारों को सर्वे सूची में नाम नहीं होने से लाभ से वंचित कर दिया गया।

अब मकान की बजाय फ्लैट

आवास योजना में बदलाव से इन परिवारों के आशियाना के सपने को झटका लगा है। जिसके अनुसार अब भवन निर्माण के लिए राशि नहीं दी जाएगी। नई योजना में मल्टी स्टोरी भवन बनाकर फ्लैट दिए जाएंगे। इन शहरी ग्रामीणों का कहना है कि मल्टी स्टोरी योजना के प्रोजेक्ट निगम के स्तर पर कभी समय पर पूरे नहीं हो पाते। परसवारा, तिलहरी, तेवर, मोहनिया मल्टी स्टोरी आवास भवनों का निर्माण वर्षों से अधूरा है। ऐसे में अब भविष्य में उन्हें आवास योजना का लाभ मिल पाएगा या नहीं इसका कोई भरोसा नहीं है।

दशकों से रह रहे लोग, सर्वे ही नहीं हुआ

डुमना आदिवासी बाहुल्य गांव है, यहां लगभग 80 परिवार कई दशक से रहते हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के पहले चरण में जिन लोगों के पास जमीन है उन्हें मकान बनाने के लिए किस्तों में पैसा दिया जा रहा था। पहले चरण में डुमना के रहवासियों ने कई बार दफ्तरों के चक्कर काटे, लेकिन उनके गांव में ना तो सर्वे किया गया और ना ही किसी ग्रामीण का प्रधानमंत्री आवास योजना में नाम आया।

फॉर्म तो कई बार भरवाए, नहीं मिला लाभ

महगवां की रहने वाली जानकी बाई कुशवाहा, कृष्णा बाई यादव, सावित्री बाई कुशवाहा का कहना है दस साल में कई बार आवास योजना के फॉर्म भरवाए गए, लेकिन बाद में खारिज हो गए। नगर निगम प्रशासन के स्तर पर कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया। महगवां की ही ममता बैगा ने बताया कि उसके परिवार का भी आवास योजना के तहत फॉर्म भरवाया गया था, लेकिन लाभ नहीं मिला। महगवां में सौ से ज्यादा परिवार निवासरत हैं।

गांव के अरविंद कुमार ने बताया कि पिछले विधानसभा चुनाव से पहले तत्कालीन मुयमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जमीनों का पट्टा देने के साथ ही आवास योजना का लाभ दिलाने की घोषणा की थी लेकिन किसी का भी आवास नहीं बना। चंडी टोला के जितेन्द्र कुमार बताते हैं कि आवास योजना के फॉर्म कई बार भरवाए गए पर राशि किसी की भी स्वीकृत नहीं हुई, उनके गांव में लगभग सौ लोग निवासरत हैं।

पीएम आवास योजना में हुए बदलाव के अनुसार इसका लाभ जमीन के लिए नहीं मिलेगा, नए प्रावधान के अनुसार अब मल्टी स्टोरी भवनों का निर्माण किया जाएगा, जिसमें से लोग मकान खरीद सकेंगे। राम प्रकाश अहिरवार, आयुक्त नगर निगम

झोपड़ीनुमा घरों में रहने मजबूर हैं लोग

डुमना गांव ही नहीं यहां आस-पास के 9 गांव के करीब 900 परिवारों ने पीएम आवास के लिए आवेदन किए थे। उन्हें पीएम आवास का लाभ नहीं मिला। वे आज भी टूटे-फूटे झोपड़ीनुमा घरों में रहने के लिए मजबूर हैं। जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी के चलते यहां सैकड़ों परिवार के पक्के मकान के सपने टूट चुके हैं क्योंकि प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 में शहरी क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में अब पक्के मकान के लिए पैसा नहीं दिया जाएगा। शहरी क्षेत्र में मल्टी स्टोरी योजना पर काम किया जाना है।