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textile- एमपी के इस शहर में बनेगा केम्ब्रिज और टपेटा कपड़ा

पावरलूम का सीएफसी बनेगा नए वस्त्रों का शोध केन्द्र, अधारताल औद्योगिक क्षेत्र में स्थापना की तैयारी, डेढ़ हजार से अधिक लोगों को मिलेगा रोजगार
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जबलपुर

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Prem Shankar Tiwari

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Updated: 7 Sep 2017, 11:22 AM IST

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जबलपुर। रेडीमेड गारमेंट्स के लिए पहचाना जाने वाला जबलपुर जल्द ही टैक्सटाइल इंडस्ट्री में कदम जमाने जा रहा है। मुंबई के निकट भिवंडी में तैयार होने वाले केम्ब्रिज और टपेटा कपड़े का उत्पादन अब शहर में भी होगा। ये कपड़ा कई तरह के परिधान बनाने में उपयोगी माना जाता है। शहर में पावरलूम क्लस्टर के तहत कॉमन फैसिलिटी सेंटर (सीएफसी) में यह सुविधा मिल सकती है। इसकी स्थापना के लिए भूमि की तलाश लगभग हो चुकी है। जल्द ही इसमें इन खास प्रकार के कपड़े का उत्पादन शुरू होने की संभावना है।
स्वीकृति के लिए संचालनालय में
सीएफसी के लिए अधारताल औद्योगिक क्षेत्र में राज्य उद्योग निगम के खाली पड़े करीब १० हजार वर्गफीट क्षेत्रफल वाले शेड का उपयोग इसके लिए किया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार पावरलूम एसोसिएशन के प्रस्ताव को स्वीकृति के लिए उद्योग संचालनालय भेजा गया है।
इन दो जगह पर बनेंगे सीएफसी
अधारताल की तरह रिछाई और माढ़ोताल में भी सीएफसी की स्थापना का प्रस्ताव है। शहर के वर्षों पुराने पावरलूम उद्योग में अपग्रेडेशन नहीं होने से गति धीमी है। उनमें साड़ी, लुंगी, गमछा एवं चादर ही बन पा रहे हैं। गुणवत्ता भी बहुत बेहतर नहीं है। पावरलूम एसोसिएशन ने जिला उद्योग केन्द्र से उक्त जमीन मांगी है।
रेडीमेड गारमेंट का 5 सौ करोड़ का टर्नओवर
शहर में रेडीमेड गारमेंट का निर्माण लंबे अरसे से हो रहा है। इसे संगठित करने के लिए लेमा गार्डन में रेडीमेड गारमेंट कॉम्प्लेक्स विकसित किया गया है। लेकिन सरकारी योजना के क्रियान्वयन की धीमी चाल के कारण काफी इंतजार के बाद भी कॉम्प्लेक्स पूरी तरह से तैयार नहीं है। वहीं, सीएफसी से रेडीमेड गारमेंट को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। शहर में लगभग 5 सौ करोड़ रुपए के टर्नओवर वाले रेडीमेड गारमेंट के व्यवसाय में भी सीएफसी फायदेमंद साबित हो सकता है।
क्या होगा सीएफसी में
सीएफसी में वस्त्र निर्माण तकनीक, प्रशिक्षण, फिनिशिंग एवं डाइंग प्लांट के अलावा बारपिंग मशीन भी लगाई जाती है। बड़ी बीम बनाने से बुनकरों को लूम पर बार-बार धागा बदलने से मुक्ति मिल सकेगी। यही नहीं इसमें केम्ब्रिज एवं टपेटा जैसे बहुउपयोगी कपड़े भी बन सकेंगे। वर्तमान में यह मुम्बई के निकटवर्ती शहर भिवंडी से आता है।
राज्य उद्योग निगम की खाली जमीन पर प्रस्ताव
जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक देवब्रत मिश्रा के अनुसार पावरलूम एसोसिएशन की तरफ से अधारताल में राज्य उद्योग निगम की खाली भूमि पर सीएफसी निर्माण की अनुमति देने के लिए पत्र दिया गया है। उद्योग आयुक्त को इस संबंध में प्रस्ताव भेजा जा रहा है।

इधर भी ध्यान दें
300 से अधिक शहर में पावरलूम
वर्तमान में 250 से ज्यादा लूम में उत्पादन
गोहलपुर, ठक्करग्राम और चांदनी चौक में ज्यादा लूम
प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 1500 लोगों को रोजगार
साड़ी, लुंगी, गमछा और चादर का उत्पादन
सीएफसी से नए उत्पाद बनाने में मिलेगी मदद