हिन्दू संगठनों की ओर से बताया जा रहा है कि संभाग में किराएदार के रूप में रह रहे घुसपैठिए फर्जी दस्तावेज से यहां पर रह रहे हैं। आधार कार्ड में जन्म तिथि से लेकर पता भी फर्जी होने की आशंका है। इनके आधार कार्ड में अंकित जन्म तिथि एक जनवरी से शुरू हो रहे हैं और पता भी अधिकांश बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश के हैं जिनमें पता सही अथवा गलत है। इसकी जांच आवश्यक है।