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लाल आतंक के कैद से अगवा जवान 5 दिन बाद रिहा, बीजापुर में मुठभेड़ के बाद नक्सलियों ने कर लिया था किडनैप
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लाल आतंक के कैद से अगवा जवान 5 दिन बाद रिहा, बीजापुर में मुठभेड़ के बाद नक्सलियों ने कर लिया था किडनैप

छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सली और जवानों के बीच मुठभेड़ के बाद नक्सलियों ने अगवा जवान राकेश्वर सिंह मनहास (Abducted CoBRA jawan Rakeshwar Singh Manhas released by Naxals) को 5 दिन बाद रिहा कर दिया है।
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बस्तर. छत्तीसगढ़ के बीजापुर (Bijapur) में नक्सली और जवानों के बीच मुठभेड़ के बाद नक्सलियों ने अगवा जवान राकेश्वर सिंह मनहास (Abducted CoBRA jawan Rakeshwar Singh Manhas released by Naxals) को 5 दिन बाद रिहा कर दिया है। बस्तर रेंज आईजी सुंदरराज पी ने बताया कि 6 अप्रैल 2021 को टेकलगुडेम मुठभेड़ में बाद नक्सलियों द्वारा अपहृत CoBRA 210वीं वाहिनी के जवान राकेश्वर सिंह मनहास सुरक्षित जिला बीजापुर के थाना तर्रेम पहुंच गया है। थाना में पहुंचने के बाद आरक्षक राकेश्वर सिंह मनहास का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।

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आईजी सुंदरराज पी ने बताया कि अपहृत आरक्षक राकेश्वर सिंह मनहास के रिहाई के लिए जगदलपुर माता रुक्मणि आश्रम के अध्यक्ष पद्मश्री धर्मपाल सैनी और आदिवासी समाज जिला बीजापुर के वरिष्ठ पदाधिकारी तेलम बोरैया ने मध्यस्थता की। अगवा जवान की रिहाई में जिला बीजापुर के पत्रकार गणेश मिश्रा और मुकेश चंद्राकर ने काफी प्रयास किया।

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आईजी सुंदरराज पी ने बताया कि अपहृत आरक्षक के संबंध में अन्य पत्रकार जैसे राजा राठौर, शंकर एवं अन्य कई पत्रकार साथियों द्वारा भी समय-समय पर प्रसारित की गई खबरों के माध्यम से अपहृत आरक्षक के संबंध में जानकारी मिल पाई। बता दें कि बीजापुर नक्सल मुठभेड़ के बाद नक्सलियों ने जवान राकेश्वर सिंह मनहास को अगवा कर लिया था। जवान राकेश्वर सिंह मनहास की पांच साल की बेटी ने भी एक वीडियो जारी किया था, जिसमें प्रधानमंत्री, गृहमंत्री व मुख्यमंत्री से रोते हुए अपने पापा की जल्द रिहाई की मांग की थी।

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जम्मू का रहने वाला जवान

जवान राकेश्वर सिंह मनहास जम्मू के बरनाई इलाके का रहने वाला है। उनके परिवार मूलत: जम्मू जिले में ही पाकिस्तानी सीमा से सटे खौड़ इलाके के गांव पंगाली के रहने वाले हैं, लेकिन कुछ वर्ष पहले जम्मू के बरनाई इलाके में बस गए। छत्तीसगढ़ में तैनाती के पहले वह असम में थे। लगभग पांच वर्ष से वह छत्तीसगढ़ में ही तैनात हैं। जवान के परिवार पूरी तरह राकेश्वर सिंह पर आश्रित है। राकेश्वर के पिता नहीं है। माँ, पत्नी, छोटा भाई व पांच साल की एक बेटी है।