
जिले को मिलेगी रेत की 4 खदान (photo source- Patrika)
CG News: जगदलपुर जिले में रेत की बढ़ती मांग और सीमित खदानों के कारण निर्माण कार्यों पर प्रभाव पड़ रहा था। इस समस्या के समाधान और अवैध उत्खनन पर नियंत्रण के उद्देश्य से प्रशासन ने चार नई रेत खदानों को मंजूरी दी है। ये खदानें कोहकापाल, रेटावण्ड, चितालूर और मूतनपाल पंचायतों में संचालित की जाएंगी। इसके लिए इलेक्ट्रॉनिक नीलामी (रिवर्स ऑक्शन) की प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से जारी है।
रेत घाटों की नीलामी ई-ऑक्शन प्रणाली से की जा रही है, जिससे चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे और राजस्व विभाग को अधिकतम लाभ मिल सके। अब तक जिले में केवल चार खदानों से ही रेत की आपूर्ति हो रही थी। सीमित स्रोतों के कारण बाजार में रेत की किल्लत बनी हुई थी और निर्माण कार्यों में कठिनाइयाँ आ रही थीं।
वर्तमान में रेत की दरें 2000 से 2500 रुपए प्रति ट्रैक्टर तक हैं, जबकि मांग अधिक होने पर यह दर 3000 रुपए तक पहुंच जाती है। नई खदानें खुलने के बाद जिले में खदानों की संख्या 8 हो जाएंगी, इससे न केवल रेत की उपलब्धता बढ़ेगी, बल्कि कीमतों में स्थिरता भी आने की संभावना है। जिला खनिज विभाग के मुताबिक खदानों की स्वीकृति के बाद टेंडर प्रक्रिया जारी है।
नई खदानों के संचालन से संबंधित ग्राम पंचायतों में रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इससे स्थानीय युवाओं को खदान संचालन, परिवहन और लोडिंग जैसे कार्यों में रोजगार मिलने की संभावना है। ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित इन खदानों से ग्राम पंचायतों की आमदनी भी बढ़ेगी, क्योंकि रेत उत्खनन से मिलने वाला हिस्सा पंचायतों के विकास कार्यों में उपयोग किया जाएगा। इसके साथ ही जिले में चल रही अधोसंरचना परियोजनाओं को भी नियमित रेत आपूर्ति मिलने से गति मिलेगी।
पिछले कई वर्ष से टेण्डर प्रक्रिया लंबित होने के कारण कई क्षेत्रों में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन की गतिविधियाँ बढ़ गई थीं। इससे न केवल शासन को राजस्व हानि हो रही थी बल्कि स्थानीय स्तर पर अव्यवस्था भी फैल रही थी। नए खदानों के संचालन के बाद प्रशासन को उमीद है कि अवैध रेत उत्खनन पर रोक लगेगी और राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
CG News: प्रशासन का मानना है कि ई-ऑक्शन प्रणाली से नीलामी की प्रक्रिया पारदर्शी होगी और रेत आपूर्ति व्यवस्था अधिक नियंत्रित, सुव्यवस्थित और जवाबदेह बनेगी। नई खदानों के चालू होने से जिले में रेत की कमी दूर होगी, निर्माण कार्य तेज होंगे और आम उपभोक्ताओं को भी राहत मिलेगी।
जिले में हजारों की संख्या में सरकारी व निजी निर्माण कार्य जारी हैं। इन निर्माण के लिए रेत एक आवश्यक सामग्री है। रेत की खदानें नहीं होने से अब तक अवैध तौर पर रेत उत्खनन होता आया है। इसकी वजह से सरकार को रायल्टी कम मिलती थी।
Updated on:
5 Nov 2025, 11:41 AM IST
Published on:
5 Nov 2025, 11:41 AM IST
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