
स्वास्थ्य सेवाएं हो रही ठप (Photo source- Patrika)
CG News: बस्तर ब्लॉक और आसपास के गांवों में इन दिनों झोला छाप डॉक्टरों का बोलबाला है। बिना डिग्री और बिना किसी मेडिकल प्रशिक्षण के लोग गांव-गांव घूमकर थोक में दवाइयां बांट रहे हैं। इससे जहां ग्रामीणों की सेहत खतरे में पड़ रही है, वहीं स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि अस्पताल या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उचित सुविधा नहीं मिलने के कारण इन झोला छाप डॉक्टरों पर निर्भर हो जाते हैं। कई बार झटपट इलाज के चक्कर में लोग उनकी दी हुई दवाई खा लेते हैं, इससे ग्रामीणों की सेहत से खिलवाड़ हो रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि कई लोग खुद को डॉक्टर बताकर बीमारियों की दवाइयां थोक में लेकर घूम रहे हैं। ये लोग बुखार, खांसी, सर्दी से लेकर गंभीर बीमारियों तक की दवाई बिना पर्ची और बिना जांच के दे रहे हैं। कई बार गलत दवा खाने से मरीजों की हालत और बिगड़ रही है।
CG News: बस्तर और बालेंगा क्षेत्र के मेडिकल स्टोर्स में भी नियमों का पालन नहीं हो रहा। संचालक बिना डॉक्टरी पर्ची के थोक में दवाइयां बेच रहे हैं। खासकर एंटीबायोटिक और पेनकिलर जैसी दवाइयां आसानी से ग्रामीणों को थमा दी जा रही हैं। इससे न सिर्फ स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है, बल्कि दवा के दुरुपयोग की समस्या भी बढ़ रही है।
Updated on:
18 Aug 2025 12:00 pm
Published on:
18 Aug 2025 12:00 pm
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