
बस्तर में इमरजेंसी सिस्टम अपग्रेड (photo source- Patrika)
Chhattisgarh Dial 112: बस्तर संभाग में अब किसी भी आपात स्थिति में लोगों को पहले से कहीं ज्यादा तेज, आधुनिक और हाईटेक मदद मिलने वाली है। सड़क हादसा हो, आगजनी की घटना, महिलाओं से जुड़ा मामला या अचानक स्वास्थ्य संकट—अब सिर्फ एक कॉल पर मल्टी-इमरजेंसी सुविधा लोगों तक पहुंचेगी। इसके लिए बस्तर संभाग के सातों जिलों को कुल 31 नई हाईटेक डायल-112 गाड़ियां दी गई हैं, जिनमें अकेले बस्तर जिले को 11 वाहन मिले हैं। पुलिस विभाग का दावा है कि नई तकनीक से लैस ये वाहन शहरी क्षेत्रों में लगभग 10 मिनट और ग्रामीण इलाकों में 25 से 30 मिनट के भीतर मौके पर पहुंचकर सहायता उपलब्ध कराएंगे।
नई डायल-112 गाड़ियों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इन्हें मल्टी-रिस्पॉन्स व्हीकल के रूप में तैयार किया गया है। यानी एक ही वाहन पुलिस सहायता, प्राथमिक चिकित्सा और शुरुआती फायर रिस्पॉन्स जैसी सुविधाओं से लैस है। अब किसी घटना के दौरान अलग-अलग विभागों के पहुंचने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। डायल-112 टीम मौके पर पहुंचते ही प्राथमिक राहत देना शुरू कर देगी।
इन वाहनों में आधुनिक GPS सिस्टम लगाया गया है, जिससे कंट्रोल रूम हर गाड़ी की लाइव लोकेशन ट्रैक कर सकेगा। जैसे ही किसी घटना की सूचना मिलेगी, सबसे नजदीकी वाहन को तुरंत अलर्ट भेजा जाएगा।
इसके अलावा वाहनों में—
नई व्यवस्था सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में काफी अहम मानी जा रही है। कई बार हादसे के बाद शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। अब डायल-112 टीम मौके पर पहुंचकर घायल व्यक्ति को प्राथमिक उपचार दे सकेगी और जरूरत पड़ने पर तुरंत एंबुलेंस व फायर ब्रिगेड से संपर्क भी करेगी।
नई इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्यवस्था में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को भी जोड़ा गया है। अब लोग सिर्फ फोन कॉल ही नहीं, बल्कि ऑनलाइन और सोशल मीडिया के जरिए भी घटना की जानकारी पुलिस तक पहुंचा सकेंगे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कई बार लोग घबराहट या दूसरी परिस्थितियों के कारण कॉल नहीं कर पाते। ऐसे में डिजिटल माध्यम से मदद मांगने की सुविधा काफी उपयोगी साबित होगी।
बस्तर संभाग का बड़ा हिस्सा जंगल और दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में फैला हुआ है, जहां पहले पुलिस या मेडिकल सहायता पहुंचने में काफी समय लग जाता था। नई डायल-112 गाड़ियों को ऐसे कठिन इलाकों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इन वाहनों में मजबूत सस्पेंशन, हाई ग्राउंड क्लीयरेंस और खराब सड़कों पर चलने योग्य डिजाइन दिया गया है, ताकि अंदरूनी गांवों तक भी तेजी से सहायता पहुंच सके।
महिलाओं से जुड़े अपराध, घरेलू हिंसा, छेड़छाड़ और रात के समय सुरक्षा जैसे मामलों में यह सेवा काफी राहत देने वाली मानी जा रही है। वहीं अकेले रहने वाले बुजुर्ग और जरूरतमंद लोग भी सीधे डायल-112 हेल्पलाइन से तत्काल सहायता प्राप्त कर सकेंगे।
किसी भी आपात स्थिति में नागरिक सीधे डायल-112 नंबर पर कॉल कर सकते हैं। कंट्रोल रूम लोकेशन ट्रैक कर सबसे नजदीकी वाहन को मौके के लिए रवाना करेगा। इसके अलावा सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए भी सूचना दी जा सकेगी।
नई हाईटेक डायल-112 सेवा को बस्तर में आपातकालीन सहायता व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे न सिर्फ लोगों को तेजी से मदद मिलेगी, बल्कि दूरस्थ क्षेत्रों में सुरक्षा और भरोसा भी मजबूत होगा।
Published on:
27 May 2026 03:28 pm
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