
शहर से गांवों तक होर्डिंग का गोरखधंधा, चुनाव से पहले थे शांत अब हुई कार्रवाई
जगदलपुर। Crime News : बस्तर जिले में शहर से लेकर गांवों तक में अवैध होर्डिंग धंधा खूब फल-फूल रहा है। पिछले पांच साल तक शहर में एड एजेंसी संचालकों जहां जगह मिलती वे वहांं होर्डिंग तान देते। अब चुनावी आचार संहिता लगी हुई है और अवैध होर्डिग प्रचार का जरिया बन सकते हैं तो निगम ने अवैध होर्डिंग संचालकों पर कार्रवाई तेज की है। दो दिन पहले शहर में चल रहे ट्रॉली होर्डिंग पर यह कहते हुए कार्रवाई की गई थी कि जितनी की अनुमति थी उससे ज्यादा होर्डिंग लगाए गए थे। इसके अलावा शहर में बड़े होर्डिंग को लेकर कोई नियम कायदा नहीं है।
जब भी कोई बड़ा नेता या मंत्री शहर आता है या फिर शहर में कोई बड़ा आयोजन होना होता है तो कई सारे हार्डिंग में बिना अनुमति के फ्लैक्स लगा दिया जाता है। इससे निगम को राजस्व का नुकसान होता है, लेकिन निगम से ही सांठ-गांठ करके एड एजेंसी के लोग मनमानी करते हैं। निगम के कुछ भ्रष्ट अधिकारी नियमों को ताक पर रखकर होर्डिंग के गोरखधंधे को आगे बढऩे दे रहे हैंं। होर्डिंग के कारोबार पर सिर्फ चुनावी आचार संहिता के दौरान कार्रवाई होती दिख रही है। इससे पहले पूरे पांच साल तक सन्नाटा पसरा हुआ था, निगम ने कभी किसी फ्लैक्स या होर्डिंग को लेकर सवाल
नहीं किया।
शहर में जहां थोड़ी बहुत सख्ती चुनाव के चलते दिख भी रही है, गांवों में तो कभी भी होर्डिंग को लेकर कोई कार्रवाई होती नहीं दिखती। एड एजेंसी वाले पंचायतों को कुछ रकम देकर होर्डिंग लगा लेते हैं। जहां पर पंचायतों में होर्डिंग को लेकर जागरूकता नहीं है वहां तो यह काम बिना पैसे दिए भी चल रहा है। पंचायतों को इससे आय हो सकती है लेकिन बस्तर के कई पंचायतों को इससे होने वाली आय के बारे में जानकारी नहीं है और अवैध होर्डिंग संचालक इसी बात का फायदा उठा रहे हैं।
निगम आयुक्त हरेश मंडावी ने रविवार को एक बयान जारी करते हुए कहा कि निगम क्षेत्र के अंतर्गत समस्त प्रिङ्क्षटग संस्थाओ को शहर में लगने वाले विज्ञापन, फ्लैक्स, होर्डिंग आदि लगाने के पूर्व विधिवत अनुमति लेनी होगी। संस्थाओं को विज्ञापन मुद्रण के दौरान संस्था का नाम, प्रकाशक का विवरण, समय-सीमा का उल्लेख करना होगा। निगम में आवेदन करके निर्धारित विज्ञापन शुल्क अदा करना होगा।
साथ ही विज्ञापन केवल निधार्रित होर्डिंग जोन में लगाया जाए, स्थल परिवर्तन किए जाने की स्थिति में निगम को सूचना देनी होगी। साथ ही आचार संहिता के दौरान जिला निर्वाचन से अनुमति लेनी होगी। समय सीमा पूर्ण होने पर संस्था की जिम्मेदारी होगी की संबंधित विज्ञापन को हटा लिया जाए। नियमों का पालन ना किये जाने कि स्थिति में विज्ञापन पंजीयन एंव विनियमन 2012 के तहत जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। आयुक्त ने निगम के अधिकारी-कर्मचारियों को आदेशित किया है कि शहर मे लगने वाले अवैध होर्डिंग को हटाकर जुर्माना की कार्यवाही करें।
Published on:
16 Oct 2023 10:51 am
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