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खतरे के निशान से नीचे आया इंद्रावती का जलस्तर, अब बाढ़ जैसी स्थिति से लोगों को मिली राहत

Indravati River: जल संसाधन विभाग ने जानकारी दी है कि बस्तर क्षेत्र के प्रमुख जलाशयों में इस समय पर्याप्त जल भंडारण है। कोसारटेडा, परलकोट और मयाना जलाशय 80 प्रतिशत तक भर चुके हैं।
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इंद्रावती का जलस्तर घटा (Photo source- Patrika)

इंद्रावती का जलस्तर घटा (Photo source- Patrika)

Indravati River: बस्तर में बीते दिनों हुई तेज बारिश के बाद इंद्रावती नदी का जलस्तर अब धीरे-धीरे नीचे उतरने लगा है। गुरुवार की शाम को नदी का स्तर 5.81 मीटर दर्ज किया गया। कुछ दिन पहले लगातार हो रही वर्षा के चलते यह जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया था, जिससे आसपास के निचले क्षेत्रों में अलर्ट की स्थिति बन गई थी। हालांकि अब पानी घटने से राहत की स्थिति है।

स्थानीय लोगों के अनुसार गोरिया बहार नाला, जहां बारिश के समय पानी का तेज बहाव होने से आवाजाही प्रभावित हो रही थी, वहां भी जलस्तर सामान्य हो चुका है और यातायात सुचारू रूप से शुरू हो गया है। बारिश से जिले के अधिकांश जल स्रोत भी लबालब भर गए हैं। गांव-गांव के डबरी और तालाबों में पर्याप्त जल संग्रह हुआ है, जिससे आने वाले दिनों में किसानों को सिंचाई और ग्रामीणों को जल आपूर्ति में सहूलियत मिलेगी।

जल संसाधन विभाग ने जानकारी दी है कि बस्तर क्षेत्र के प्रमुख जलाशयों में इस समय पर्याप्त जल भंडारण है। कोसारटेडा, परलकोट और मयाना जलाशय 80 प्रतिशत तक भर चुके हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान जल स्तर आगामी खरीफ सीजन और ग्रामीण पेयजल आपूर्ति के लिए पर्याप्त है। विशेषज्ञों के अनुसार समय पर हुई बारिश से न केवल फसलों की सिंचाई सुचारू होगी, बल्कि भूजल स्तर में भी सुधार होगा।

Indravati River: वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं के लिए पानी की समस्या से भी बड़ी राहत मिलेगी। इंद्रावती नदी का जलस्तर घटने के साथ ही प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित गांवों में अब सामान्य स्थिति की पुष्टि की है। हालांकि बारिश का मौसम अभी जारी है, इसलिए जल संसाधन विभाग ने नदी-नालों के किनारे सतर्कता बरतने की अपील भी की है।