
9 दिनों दिना तक 24 घण्टे सेवादार ज्योतिकलश भवन में करते काम
टेम्पल कमेटी के उपाध्यक्ष विजय भारती ने बताया कि दंतेश्वरी मंदिर के सेवादारों के विगत कई पीढ़ियों से यह कार्य निष्ठापूर्वक किया जाता है। ज्योति कलश जलाने वाले भक्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है, विगत वर्ष 6380 ज्योति कलश जलाए गए थे। इस दौरान पैर रखने के लिए भीतर कम जगह पड़ जाती है, वहीं चिमनी नहीं होने से हजारों दीप का ताप और गर्मी बाहर नहीं निकल पाता था। ऐसे में सेवादारों को काफी तकलीफों का सामना करना पड़ता है। यहां तक गर्मी से दीवाल भी चटकने से दरारे आ जाती हैं।
इन परिस्थितियों में काम कर रहे सेवादारों को शरीर की जलन दूर करने के लिए लगातार ग्लूकोस का सेवन करना पड़ता है। इन सभी असुविधाओं को देखते हुए टेम्पल कमेटी के द्वारा मंदिर में अत्याधुनिक चिमनी बनाए जाने की मांग प्रशासन से की गई थी। जिसकी स्वीकृति मिलने के बाद यहां तीन हाईटेक चिमनी का निर्माण किया जा रहा है, जिससे ताप और गर्मी बाहर निकल पाएंगी और सेवादारों को राहत मिलेगी। साथ ही ज्योतिकलश की स्थापना के लिए अतिरिक्त जगह भी बनाया जाएगा। लोक निर्माण विभाग की ओर से 30 लाख रुपए की लागत से तीन चिमनी और ज्योतिकलश भवन का रिनोवेशन किया जा रहा है।
टेम्पल कमेटी ने कई मंदिरों का किया सर्वे
टेम्पल कमेटी के पदाधिकारियों के द्वारा चिमनी बनाने से पूर्व कई बड़े मंदिरों का सर्वे किया गया। जिसके बाद दंतेवाड़ा स्थित दंतेश्वरी मंदिर में बनी चिमनी के डिजाइन को फाइनल किया गया। जिसके अनुसार जगदलपुर के दंतेश्वरी मंदिर की तीनों चिमनी का निर्माण किया जा रहा है।
- वर्जन
दंतेश्वरी मंदिर में तीन अत्याधुनिक चिमनी का निर्माण के सथि ही टेम्पल कमेटी की मांग के अनुरुप मंदिर के अन्य मेंटनेंस कार्य भी किए जाएंगे। जिसमें लगभग 30 लाख रुपए का बजट प्रस्तावित है।
- आरएन सिन्हा,
लोक नि
Updated on:
29 Feb 2024 09:59 pm
Published on:
29 Feb 2024 09:59 pm
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