
Rajasthan News : विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से वर्ष 2030 तक निर्धारित ‘दी एंड’ टीबी लक्ष्य पर भारत ने चुनौती लेते हुए संशोधित लक्ष्य 2025 का तय किया। भारत सरकार चाहती है कि दुनिया भले ही टीबी के खात्मे के लिए 2030 तक का लक्ष्य रख रही हो, लेकिन भारत इसे पांच वर्ष पहले ही प्राप्त करने की कोशिश करेगा। इसी तहत राजस्थान में काम तो शुरू हो गया, लेकिन टीबी के नए मामले कम होने की बजाय ‘बढ़ते’ गए।
जयपुर में मिले इतने मरीज
दरअसल इस अभियान के साथ ही निजी अस्पतालों के आंकड़े भी मिलने लगे तो नए मरीजों की संख्या बढ़ती गई। अकेले जयपुर जिले में ही एक साल में टीबी के करीब 25 हजार नए मरीज सामने आ रहे हैं। प्रदेश में यह आंकड़ा गत वर्ष 1.64 लाख रहा। जबकि वर्ष 2015 में यह आंकड़ा 1.02 लाख था। जानकारी के मुताबिक राज्य में पिछले 2 साल में टीबी की जांच करने वाली नॉट मशीन का दायरा 58 से बढ़ाकर 450 से अधिक किया गया है, जिसके कारण नए मरीज तेजी से चिह्नित हो रहे हैं।
आंकड़े अब भी चिंताजनक
साल 2015
सरकारी अस्पताल- 90296
निजी अस्पताल- 11736
साल 2016
सरकारी अस्पताल- 90032
निजी अस्पताल- 16724
साल 2017
सरकारी अस्पताल- 84774
निजी अस्पताल- 21179
साल 2018
सरकारी अस्पताल- 132972
निजी अस्पताल- 46196
साल 2019
सरकारी अस्पताल- 122852
निजी अस्पताल-52366
साल 2020
सरकारी अस्पताल- 95914
निजी अस्पताल- 41429
साल 2021
सरकारी अस्पताल- 103011
निजी अस्पताल- 46214
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साल 2022
सरकारी अस्पताल- 126675
निजी अस्पताल- 42847
Published on:
28 Feb 2024 11:08 am
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