
जयपुर। खोह नागोरियान थाना इलाके में अपहरण के बाद बालिका की हत्या के मामले में फिलहाल पुलिस खाली हाथ है। इस मामले में पुलिस अब तक आधा दर्जन लोगों से पूछताछ कर चुकी है। थानाधिकारी वीरेंद्र सिंह ने बताया कि किसी परिचित ने ही गंदी नियत के चलते बालिका का अपहरण किया था और फिर पकड़े जाने के डर से ही उसने बालिका को मौत के घाट उतारा होगा। इसी को ध्यान में रखते हुए हत्यारे की तलाश जारी है। इस मामले में कुछ संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जा चुकी है लेकिन कोई खास जानकारी सामने नहीं आई है। बालिका के अपहरण की सूचना के बाद ही घटना स्थल व उसके आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाल लिए गए थे, लेकिन बालिका का पता नहीं लग पाया था।
गौरतलब है कि 8 अक्टूबर की सुबह मदीना नगर में एक बालिका का शव पत्थरों के नीचे दबा मिला। बालिका की पहचान आठ वर्षीय मधु के रूप में हुआ थी। इस बालिका का 25 सितम्बर को घर से अपने पिता के लिए खाना लेकर जाने के दौरान अपहरण हो गया था। बच्ची का शव घर से करीब 500 मीटर दूर वन विभाग की दीवार के नीचे पत्थरों के नीचे दबा मिला। उसके सिर पर चोट का निशान है। बालिका का पिता मिंटू यहां घाटी करोलान में किराए पर पत्नी रिंकी देवी, बेटी व दो बेटों के साथ रह रहा था। पास में बेकरी कारखाने पर काम करता था। रोजाना की तरह बेटी मधु घर से खाना लेकर मिंटू को देने जा रही थी।
मिंटू का कहना है कि बच्ची गुम हुई उस दिन दोपहर 3 बजे रिपोर्ट लिखवाने पहुंचा लेकिन पुलिस ने सुनवाई नहीं की। स्थानीय निवासी जेनब ने बताया कि मिंटू चार साल से यहां रह रहा है। पत्नी और बच्चे यूपी रहते थे। पत्नी के बीमार रहने पर चार-पांच माह पहले ही वह पति के साथ यहां आकर रहने लगी। पुलिस का अनुमान है कि किसी जानने वाले ने ही बच्ची को अगवा किया है। थानाधिकारी वीरेन्द्र सिंह ने बताया कि शव 12-13 दिन पुराना है। लगता है, हत्या उसी दिन कर दी गई थी।
Published on:
9 Oct 2018, 3:12 PM IST
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