
फाइल फोटो-पत्रिका
जयपुर। प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त मामले में शहर के छह प्रमुख रियल एस्टेट कॉलोनाइजर्स के यहां चल रही आयकर कार्रवाई पांचवें दिन भी जारी रही। इस छापेमारी में शनिवार तक 6 करोड़ की नकदी और 20 करोड़ रुपए की ज्वैलरी बरामद हुई है। सूत्रों के अनुसार यह प्रदेश की पहली ऐसी कार्रवाई है, जहां रियल एस्टेट कारोबारियों के यहां से इतनी भारी मात्रा में ज्वैलरी और नकदी बरामद की गई हो।
कार्रवाई अभी जारी है, यह आंकडा और बढ़ सकता है। आयकर सूत्रों के अनुसार ये ज्वैलरी इन कॉलोनाइजर्स के परिवारों द्वारा खरीदी नहीं गई है। सवाल यह है कि आखिर इन्हें जवैलरी को फर्श के नीचे छिपाने या किसी और के नाम से लॉकरों में रखने की क्या जरूरत पड़ी।
सूत्रों के अनुसार इन कॉलोनाइजर्स ने पिछले पांच सालों में आम जनता को खुद की छत का सपना दिखाकर रिंग रोड के आस-पास दर्जनों प्रोजेक्ट लॉन्च कर हजारों प्लॉट बेचे हैं। जिनमें आधे तो जीडीए अप्रूव्ड भी नहीं है। फागी रोड पर ही इनके 15 से ज्यादा प्रोजेक्ट हैं। इनमें से एक कॉलोनाइजर्स के यहां काम करने वाले सेल्स मैनेजर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इस तरह के प्लॉटस पर 50 से 60 फीसदी ही लोन मिल पाता है, बाकी कंस्ट्रक्शन के बाद मिलता है, ऐसे में ग्राहक से भारी मात्रा में कैश या ज्वैलरी के रूप में डाउनपेमेंट लिया जाता है। इन्होंने अपने ऑफिसों में नोट गिनने की मशीनें तक लगा रखी हैं।
आयकर विभाग की एक टीम ने शनिवार को इन कॉलोनाइजर्स के साथ-साथ कोटा के एक पान मसाला कारोबारी के यहां चल रही कार्रवाई में 10 करोड़ रुपए का गुटखा बरामद किया है। यह कार्रवाई गणपतपुरा, भांकरोटा स्थित एक गोदाम पर की गई है। इस खेप को केस बनाकर सीजीएसटी विभाग के हवाले कर दिया है।
Published on:
07 Sept 2025 09:36 am
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