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गोरक्षकों की गिरफ्तारी के बाद रोष, संगठनों ने कहा तुरंत रिहाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज होगा

नागौर जिले के परबतसर में पशु मेले में गौ तस्करी के मामले में विवाद बढ़ता जा रहा है।
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जयपुर। नागौर जिले के परबतसर में पशु मेले में गौ तस्करी के मामले में विवाद बढ़ता जा रहा है। गौ क्रांति मंच के प्रदेश अध्यक्ष ताराचंद कोठारी ने आरोप लगाया कि मेले में कई ट्रकों में गायों को बिना चारे-पानी और आवश्यक दस्तावेजों के अमानवीय तरीके से ठूंसा गया। जब गोरक्षकों ने इसका विरोध किया तो कथित तस्करों और कुछ स्थानीय लोगों ने उन पर हमला कर दिया। इस झड़प में कई गोरक्षक घायल हो गए।

सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति काबू करने के लिए लाठीचार्ज किया। इस दौरान साध्वी कपिला गोपाल सरस्वती समेत कई गोरक्षकों को गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि साध्वी को बाद में छोड़ दिया गया, लेकिन अन्य गोरक्षकों को जेल भेज दिया गया। इस कार्रवाई के विरोध में प्रदेशभर के गोरक्षक संगठनों में रोष व्याप्त है।

प्रदेश अध्यक्ष ताराचंद कोठारी ने सरकार और प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि गिरफ्तार गोरक्षकों को तुरंत रिहा नहीं किया गया तो प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन गौ तस्करों पर कार्रवाई करने के बजाय गोरक्षकों को निशाना बना रहा है।

गौ सांसद देवकीनंदन पुरोहित ने कहा कि पशु मेले में खुलेआम पशु क्रूरता अधिनियम का उल्लंघन हो रहा है। गौरक्षा मंच ने तीन प्रमुख मांगें रखीं। पहली, गिरफ्तार गोरक्षकों की तत्काल रिहाई, दूसरी, गौ तस्करों की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई तथा तीसरी, पशु मेले में कानून का कड़ाई से पालन। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।

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