
जयपुर .
सवाई मानसिंह अस्पताल में भर्ती अनिता (23) मरते-मरते भी चार लोगों को नई जिंदगी दे गई। अनिता को चलती जीप से गिरने पर 29 मार्च को यहां सवाई मानसिंह अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती करवाया गया था। शनिवार को अस्पताल के डॉक्टरों की टीम ने उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया। अनिता के लीवर व दोनों किड़नियों को यहां एसएमएस अस्पताल में तीन मरीजों के लगाया जाएगा तथा हार्ट को दिल्ली भेजने की तैयारी की जा रही है।
अनिता को ब्रेन डेड घोषित करने के बाद यहां एसएमएस अस्पताल के डॉक्टरों ने अनीता के पति जय नारायण व अन्य परिजनों की काउंसलिंग कर उन्हे केडेवर ट्रांसप्लांट के लिए समझाया। केडेवर ट्रांसप्लांट के लिए परिजनों की सहमति मिल गई। अब सोमवार को सुबह लीवर व दोनों किड़नियों को तीन मरीजों के लगाया जाएगा। इस ऑपरेशन के लिए दिल्ली से भी डॉक्टरों की टीम को बुलाया गया है। डॉक्टरों के अनुसार अनिता के हार्ट को लेकर राजस्थान के किसी अस्पताल ने जवाब नहीं दिया है। ऐसे में अब अनिता के हार्ट को दिल्ली भेजने की तैयारी चल रही है।
केडेबर ट्रांसप्लांट को लेकर लोगों में जागरुकता आ रही है। 2 अप्रेल को भी 32 साल का पवन ने मरने के बाद केडेबर ट्रांसप्लांट से चार लोगों की जिंदगी रोशन की। पवन की २९ मार्च को बस्सी के निकट दुर्घटना हो गई थी। दुर्घटना के बाद उसे सवाई मानसिंह अस्पताल में लाया गया। यहां उपचार के दौरान शनिवार शाम को उसे ब्रेन डेथ घोषित कर दिया गया। डॉक्टरों ने बताया कि स्वयं सेवी संस्था मोहन फाउंडेशन के सदस्यों ने पवन के परिवार वालों से मुलाकात कर उन्हे अंगदान के लिए प्रेरित किया। बाद में पवन के परिवार वालों ने अंगदान की स्वीकृति दे दी है। पवन की दो किड़नियों को दो अलग-अलग मरीजों के लगाया। अस्पताल में ही पवन के लीवर को एक अन्य मरीज के ऑपरेशन कर लगाया गया। वन के हार्ट को दिल्ली भेजा गया।
Published on:
8 Apr 2018, 7:58 PM IST
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