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Ashok Gehlot : ‘राजस्थान में लोकतंत्र की सरेआम लूट’, अशोक गहलोत ने यूपीआई पर MDR चार्ज पर जनता को किया सचेत

Ashok Gehlot : कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने कहा​ कि राजस्थान में लोकतंत्र की सरेआम लूट हो रही है। इसके साथ ही यूपीआई पर MDR चार्ज लगाने को लेकर जनता को सचेत किया है।
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Rajasthan Politics : कांग्रेस नेता अशोक गहलोत। फाइल फोटो- ANI

Ashok Gehlot : राजस्थान में नगर निकाय चुनाव के बाद अब चेयरमैन और मेयर चुनने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सत्ता और विपक्ष पक्ष दोनों ही अपने प्रत्याशी को चेयरमैन और मेयर बनाने में पुरजोर तरीके से जुट गए है। इस माहौल में कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया X पर लिखा कि राजस्थान में लोकतंत्र की सरेआम लूट हो रही है। मुख्यमंत्री कार्यालय से एक IAS अधिकारी, कलेक्टरों और SDMs को धमका रहा है कि कैसे भी भाजपा का बोर्ड बनाएं। चेयरमैन और मेयर बनने के लिए भाजपा निर्दलीय और दूसरे दलों के पार्षदों को करोड़ों रुपए की रिश्वत बांट रही है, जो नहीं मानते उन्हें पुलिस भेजकर जबरन उठवाया जा रहा है, धमकाया जा रहा है।

जनता को अब जागना होगा…

अशोक गहलोत ने लिखा कि सोचिए, जो व्यक्ति करोड़ों रुपए खर्च कर मेयर-चेयरमैन बनेगा, वह जनता की सेवा करेगा या अपनी लगाई पूंजी वसूलने में जुटेगा? जितनी बड़ी रिश्वत उतनी ही बड़ी वसूली और वह वसूली होगी जनता के लिए बनने वाली सड़कों, पट्टों, नालियों और हर छोटे-बड़े काम की फाइल से। अगले पांच साल जनता को अपने ही शहर में हर काम के लिए बड़ी रिश्वत देनी पड़ेगी। यह सिर्फ भाजपा की राजनीति नहीं, आपकी जेब पर सीधा डाका है। जनता को अब जागना होगा, वरना यह लूट आपके दरवाजे तक पहुंचनी तय है।

यह कैसा आत्मनिर्भर भारत है…

यूपीआई पर MDR चार्ज लगाने के मामले में अशोक गहलोत ने लिखा कि भारत की जनता को यह क्रॉनोलॉजी जरूर समझनी चाहिए। यही बात नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बार-बार देशवासियों को समझा रहे हैं कि मोदी सरकार भारत की जनता की बजाय अमेरिका की सरकार के इशारों पर काम कर रही है। फायदा अमेरिका का और नुकसान भारत की जनता का, यह कैसा आत्मनिर्भर भारत है।

11 जून 2025- केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने खुद X पर पोस्ट कर कहा कि यूपीआई पर MDR चार्ज लगाने के दावे झूठे, बेबुनियाद और भ्रामक हैं, सरकार मुफ्त डिजिटल भुगतान के प्रति प्रतिबद्ध है। मार्च 2026- अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय के अधीन काम करने वाली संस्था USTR (यूनाइटेड स्टेट्स ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव) ने अपनी रिपोर्ट में भारत की यूपीआई नीति को वीजा-मास्टरकार्ड जैसी अमेरिकी कंपनियों को नुकसान पहुंचाने वाली बताया। सितंबर 2026- भारत सरकार ने 2000 रुपए से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत चार्ज लगाने का ऐलान कर दिया।

फायदा वीजा-मास्टरकार्ड जैसी अमेरिकी कंपनियों को मिलेगा

अशोक गहलोत ने लिखा कि अमेरिकी सरकार और अमेरिकी कंपनियों के दबाव में कुछ ही महीनों बाद भारत सरकार ने अपना रुख बदल दिया। इस पूरे फैसले का नुकसान सीधे आम जनता और छोटे व्यापारियों को भरना पड़ेगा, जबकि फायदा वीजा-मास्टरकार्ड जैसी अमेरिकी कंपनियों को मिलेगा।