
जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि वसुंधरा राजे बार-बार 36 कौमों को साथ कर चलने का जुमला बोलती हैं, वे 5 कौमों के नाम तो बता दें, जिनको साथ लेकर चली हों। उन्होंने जातीय राजनीति को ही अपना आधार माना और अलग-अलग जाति समूहों में अपना वोट बैंक खोजने में लगी हुई हैं। प्रधानमंत्री किसके लिए कह रहे हैं, जातियों की राजनीति हो रही है? जातीय वोट बैंक की राजनीति करने वाली भाजपा कांग्रेस को कोसने का काम कर रही है।
सीएम को 5 साल बाद याद आई किसानों की
गहलोत ने कहा कि कांग्रेस द्वारा चारभुजा के किसान सम्मेलन में किसानों को मुफ्त बिजली देने की घोषणा की गई। आज सीएम वसुंधरा राजे ने भी मुफ्त बिजली देने की बात कहीं है। गौरव यात्रा की समाप्ति पर राजे को 5 साल बाद किसानों की याद आई है। ऐसी घोषणा का क्या मतलब है, जो आचार संहिता से एक घंटे पहले की है।
गहलोत ने कहा अब जो भी करना होगा आने वाली सरकार ही करेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने अपने 5 साल के कार्यकाल के दौरान किसानों को मुफ्त बिजली क्यों नहीं दी? अब भी जो घोषणा की गई है, वह भी अस्पष्ट है।
सरकार ने सदैव किसानों के हितों की अनदेखी की
भाजपा सरकार ने 5 साल में तीन बार कृषि उपभोक्ताओं की बिजली दरों में बढ़ोतरी की एवं किसानों को कृषि के लिए पर्याप्त बिजली की आपूर्ति भी सुनिश्चित नहीं कर सकी। सरकार ने सदैव किसानों के हितों की अनदेखी की है। आर्थिक बोझ के दबाव में प्रदेश में 150 से अधिक किसानों को आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ा है।
गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा पूर्वी राजस्थान नहर का बार-बार जिक्र किया जा रहा है। जबकि उन्हें इस योजना का क्या स्वरूप होगा, इसके बारे में भी पर्याप्त जानकारी नहीं है। कहा जा रहा है कि बीसलपुर बांध में पानी डाला जाएगा जो जुमले के सिवाय कुछ नहीं है। बीसलपुर बांध की उंचाई बढ़ाने के कार्य में करीब 15 गांव तबाह होंगे।
Published on:
06 Oct 2018 09:25 pm
