इस दौरान दोपहर दो बजे परनामी महाधिवक्ता एनएम लोढ़ा, अधिवक्ता राजेश कपूर, महेन्द्र शाह और आनंद शर्मा के साथ कोर्ट में पेश हुए। परनामी के वकीलों ने जवाब के लिए समय मांगा तो कोर्ट ने कहा कि एक महीने पहले ही नोटिस हो चुके हैं, अब तक चाहते तो जवाब दे देते। यदि आपका मुवक्किल पार्टी अध्यक्ष है तो क्या वह हाईकोर्ट को खरीद लेगा? आप चाहते हैं कि आप मनमानी करते रहें और कोर्ट चुपचाप बैठा रहे? परनामी ने कहा कि वह कोर्ट का सम्मान करते हैं।