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कांग्रेस के राजस्थान प्रभारी अविनाश पांडे ने दिया ‘हार की जिम्मेदारी’ और इस्तीफे को लेकर बड़ा बयान

प्रदेश की सभी लोकसभा की सभी सीटों पर कांग्रेस की हार के बाद बीजेपी की ओर से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के इस्तीफे की मांग की जा रही है।
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जयपुर

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Abdul Bari

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Updated: 24 May 2019, 4:21 PM IST

avinash pande

कांग्रेस के राजस्थान प्रभारी अविनाश पांडे ने दिया 'हार की जिम्मेदारी' और इस्तीफे को लेकर बड़ा बयान

जयपुर
लोकसभा चुनाव 2019 में राजस्थान की सभी 25 सीटों पर कांग्रेस की करारी हार के बाद AICC महासचिव और राजस्थान प्रभारी अविनाश पांडे ( avinash pandey ) ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि है कि इस हार की जिम्मेदारी सामूहिक रूप से लेंगे, किसी एक का इस्तीफा नहीं होगा। इस समय पांडे के इस बयान को इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि प्रदेश की सभी लोकसभा की सभी सीटों पर कांग्रेस की हार के बाद बीजेपी की ओर से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के इस्तीफे की मांग की जा रही है। पांडे ने कहा कि प्रदेश में हार के कारणों पर पार्टी विश्लेषण करेगी।


अविनाश पांडे ने कहा कि इस चुनाव में राष्ट्रवाद के नाम पर भाजपा ने जीत दर्ज की है। यह चुनाव मुद्दा विहीन रहा और भावनात्मक मुद्दों पर लड़ा गया। पूरे चुनाव को भाजपा नेताओं ने पुलमावा और बालाकोट पर केंद्रित कर दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी मजबूती से एक सशक्त विपक्ष का रोल करेगी अदा करेगी। पांडे बोले कि इस हार के मामले में पदाधिकारियों पर पार्टी आलाकमान अंतिम फैसला लेगा। पांडे ने पीएम नरेंद्र मोदी और भाजपा को जीत की बधाई भी दी।


उधर, उदयपुर में वि‍धानसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ( Gulabchand Kataria ) ने भी गहलोत पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि Ashok Gehlot बेटे के लिए बहुत दौड़े पर न वहां जीते न प्रदेश में। अब नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देंं। शुक्रवार को कटार‍िया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में येे बात कही।

गौरतलब है कि गुरूवार को विधानसभा में प्रतिपक्ष के उपनेता राजेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा था कि 4 माह के कांग्रेसी कुशासन का जवाब प्रदेश की जनता ने दे दिया है, इसलिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को नैतिकता के आधार पर अपना इस्तीफा दे देना चाहिए।

राजेंद्र राठौड़ ने कहा था कि इससे बड़ी बात क्या होगी कि मुख्यमंत्री अपने गृह क्षेत्र में स्वयं के पुत्र की लाज भी नहीं बचा पाए। आपको बता दें कि प्रदेश में 2014 की तरह इस बार भी सूपड़ा साफ होता नजर आ रहा है। भाजपा की सभी सीटों पर करीब-करीब जीत तय मानी जा रही है।