
नई नीतियों को लॉन्च करते सीएम भजनलाल शर्मा, साथ में डिप्टी सीएम
जयपुर। सीएम भजनलाल शर्मा ने राज्य में निवेश अनुकूल वातावरण तैयार करने एवं प्रदेश की अर्थव्यवस्था को दोगुना करने के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए राज्य सरकार निवेश अनुकूल 9 नई नीतियों लॉन्च की। बुधवार को विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े उद्योगपति एवं स्टेक होल्डर्स की उपस्थिति में सीएम कार्यालय स्थित कन्वेंशन हॉल में इन नवीन नीतियों की लॉन्चिंग हुई। इस दौरान सीएम ने कहा कि प्रदेश की आर्थिक प्रगति, रोजगार सृजन और सामाजिक समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए तैयार की गई ये नीतियां राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में आने वाले निवेश के परिपक्व होने का मजबूत आधार बनेंगी।
ये नीतियां की गई लॉन्च:-
राजस्थान एमएसएमई नीति-2024 के माध्यम से प्रदेश के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को ऋण पर अतिरिक्त ब्याज सब्सिडी, तकनीकी उन्नयन और गुणवत्ता प्रमाणन में सहायता मिलेगी। यह नीति स्थानीय उद्योगों को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम बनाएगी।
नई नीति निर्यातकों को दस्तावेजीकरण, तकनीकी अपग्रेडेशन और अंतर्राष्ट्रीय आयोजनों में भागीदारी के लिए मदद करेगी। इससे लॉजिस्टिक लागत में कमी आएगी जिससे निर्यात को बढ़ावा मिलेगा और राजस्थान के उत्पाद वैश्विक स्तर पर पहचान बना सकेंगे।
राज्य के हर जिले के विशिष्ट उत्पादों और शिल्प को बढ़ावा देने के लिए यह नीति लाई जा रही है। इससे उत्पादकों को वित्तीय सहायता और एकीकृत बुनियादी ढांचा मिलेगा, जिससे उनकी क्षमता संवर्धन के साथ-साथ आय में बढ़ोतरी होगी।
पर्यटन इकाई नीति-2024 में इको टूरिज्म यूनिट, फिल्म सिटी, हेरिटेज रेस्टोरेंट, होटल हाउसिंग, इनडोर/आउटडोर प्ले जोन, एकीकृत पर्यटन विलेज, मोटल/वे-साइड सुविधाएं, रिसोर्ट हाउसिंग, ग्रामीण पर्यटन इकाई और पर्यटन स्टार्ट-अप्स जैसी 24 इकाइयों को शामिल किया गया है। पुरानी नीति में सिर्फ 16 पर्यटन इकाइयां ही परिभाषित थीं। नई नीति से पर्यटन क्षेत्र में निजी निवेश को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
यह नीति राजस्थान को स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के उद्देश्य से लाई जा रही है। एकीकृत स्वच्छ ऊर्जा नीति-2024 से सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन और वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजनाओं को बढ़ावा मिलेगा।
खनिज नीति-2024 से राज्य की जीडीपी में खनिज क्षेत्र की हिस्सेदारी बढ़ेगी। यह नीति 2046-47 तक एक करोड़ रोजगार सृजित करने और खनिज क्षेत्र से सालाना राजस्व को 1 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ाने का लक्ष्य रखती है।
निर्माण कार्यों में खनिज बजरी के स्थान पर एम-सेण्ड के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए यह नीति लागू की गई है। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ निर्माण लागत में कमी आएगी।
राज्य में क्लस्टर आधारित विकास के जरिए शिल्पकारों और लघु उद्योगों की उत्पादकता और गुणवत्ता में सुधार किया जाएगा। कॉमन फैसिलिटी सेंटर स्थापित कर कच्चा माल, प्रशिक्षण और उत्पाद परीक्षण की सुविधा दी जाएगी।
एनीमेशन, गेमिंग और एक्सटेंडेड रियलिटी के क्षेत्र में राज्य को अग्रणी बनाने के लिए यह नीति लागू की गई है। इससे युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलेगा और रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे।
Updated on:
04 Dec 2024 08:58 pm
Published on:
04 Dec 2024 08:01 pm
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