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लाल किले पर दिखेगा रंगीलो राजस्थान, भारत पर्व महोत्सव में लोक संस्कृति का होगा प्रदर्शन

इस बार भले ही राजपथ पर राजस्थान की झांकी न दिखे लेकिन ऐतिहासिक लाल किला मैदान में रंगीलो राजस्थान की झलक देखने को मिलेगी।

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Bharat parv mahotsav

जयपुर/नई दिल्ली। इस बार भले ही राजपथ पर राजस्थान की झांकी न दिखे लेकिन ऐतिहासिक लाल किला मैदान में रंगीलो राजस्थान की झलक देखने को मिलेगी। केन्द्रीय पर्यटन मंत्रालय की ओर से 26 से 31 जनवरी तक आयोजित हो रहे 'भारत पर्व' महोत्सव में राजस्थान की लोक संस्कृति, खान-पान और राजस्थानी हुनर को लोग करीब से देख पाएंगे।

दो साल से आयोजित हो रहे भारत पर्व समारोह का मुख्य उद्देश्य देशभक्ति की भावना पैदा करना, देश की समृद्ध व सांस्कृतिक विविधिता को प्रोत्साहित करने के लिए मंच उपलब्ध करवाना और आमजन की व्यापक भागीदारी को सुनिश्चित करना है। महोत्सव में इस बार राजस्थान का पवेलियन कुछ अलग अंदाज में दिखेगा।

सबसे आकर्षण का केन्द्र लाइव फूड डेमोंस्ट्रेशन रहेगा। साथ ही राजस्थान में टूरिज्म को आकर्षित करने वाली प्रदर्शनी भी रहेगी। वहीं 28 जनवरी को राजस्थान के लोक कलाकारों की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन होगा।

पांच श्रेणियां में सजेगा पवेलियन
1. थीम पवेलियन : टूरिज्म स्थलों की प्रदर्शनी और सरकार की लोकप्रिय योजनाओं का प्रदर्शन।
2.सांस्कृतिक कार्यक्रम : राजस्थानी लोक कलाकरोंं की ओर से प्रस्तुतियां होंगी।
3. खानपान : केर-सांगरी, राजस्थान की मशहूर दाल-बाटी-चूरमा, जोधपुरी मिर्चीबड़ा और मावा कचोरी।
4. हस्तशिल्प कला- अलवर की जूतियां, जयपुर की विश्व प्रसिद्ध चूडि़यां और सांगानेर प्रिंट का फेबरिक।
5. जीवंत खाने का प्रदर्शन- राजस्थानी व्यंजनों का जीवंत प्रदर्शन।

लाइव फूड डेमोंस्ट्रेशन
लाइव फूड डेमोंस्ट्रेशन के लिए पांच राज्यों का चयन किया गया है जिनमें राजस्थान भी शामिल है। राजस्थानी खान-पान और पहनावा दुनिया में अपनी अलग पहचान रखता है। इस अवसर पर महोत्सव में आने वाले लोग राजस्थान के ठेठ देसी खान-पान का लाइव डेमोंस्ट्रेशन के माध्यम से स्वाद ले सकेंगे।

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