
rajnath cm raje
जयपुर।
साल 2013 के विधानसभा चुनाव में राजस्थान में भाजपा को प्रचंड बहुमत दिलवाने में पार्टी के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह का फार्मूला काम आया था। इसलिए पार्टी इस बार फिर राजनाथ सिंह के ही फार्मूले पर काम करने का मन बना रही है। राजनाथ सिंह का मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से बेहतर तालमेल है। इसलिए पार्टी ने अध्यक्ष पद के विवाद को सुलझाने का जिम्मा उन्हें दिया है।
शनिवार को राजनाथ सिंह के आवास पर राजस्थान सहित मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर चर्चा हुई। जिसमें राजस्थान पर विशेष जोर रहा। बैठक में पार्टी के कई शीर्ष पदाधिकारी और राजस्थान से जुड़े नेता शामिल हुए। इनमें संगठन महामंत्री रामलाल, राष्ट्रीय महासचिव भूपेंद्र यादव आदि शामिल थे।
सूत्रों के मुताबिक बैठक में राजस्थान में पार्टी की क्या चुनावी रणनीति होगी इसको लेकर भी चर्चा हुई। प्रदेश अध्यक्ष को लेकर भी हुई चर्चा सूत्रों के मुताबिक डेढ़ महीने से अधिक समय से राजस्थान में पार्टी के नए अध्यक्ष की घोषणा नहीं हो सकी है। इसको लेकर केंद्रीय स्तर पर भी चिंताएं होने लगी है।
ऐसे में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह को आगे कर बीच का रास्ता निकाला जा रहा है ताकि जल्द ही प्रदेश अध्यक्ष का मसला सुलझ जाए। कौन होगा प्रदेश अध्यक्ष इसको लेकर किसी एक नाम पर सहमति नहीं बन पाई है। सूत्रों का कहना है कि राजनाथ सिंह को ही बातचीत कर बीच का रास्ता निकालने की जिम्मेवारी सौंपी गई है।
ऐसे में ये तो साफ़ तौर पर है की विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो गई है। इन दिनों विधानसभा चुनाव को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री के आवास पर भी बैठक हुई है साथ ही प्रदेश अध्यक्ष को लेकर भी केंद्र और राज्य की कई बार बैठक हो चुकी है लेकिन अभी तक प्रदेशाध्यक्ष के नाम पर संशय बरकरार है। अब राजनाथ सिंह को लेकर उम्मीद जताई जा रही है की शायद वे ही अब कोई बीच का रास्ता निकालें।
Updated on:
10 Jun 2018 04:51 am
Published on:
10 Jun 2018 04:43 am
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