
जयपुर. जलदाय विभाग के बहुचरचित घूस मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) एक-दो दिन में चालान पेश करेगी। एसीबी ने रिश्वत की इस बंदरबांट का खुलासा करते हुए जलदाय विभाग के चीफ इंजीनियर समेत तीन अधिकारी और एसपीएमएल कंपनी के प्रतिनिधि को गिरफ्तार किया था। इस मामले में एसीबी को अदालत में 17 सितंबर तक चालान पेश करना जरूरी है, क्योंकि भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में एसीबी को 60 दिन में चालान पेश करना होता है। एसीबी के अधिकारी अभी चालान को अंतिम रूप देने में जुटे है। हालांकि एसीबी अभी मामले की जांच कर रही है और कंपनी के एमडी एवं वाइस प्रेसिडेंट अभी पुलिस गिरफ्त से दूर है, इसलिए एसीबी बाद में इस मामले में सप्लीमेंट्री चार्जशीट भी पेश करेगी।
कंपनी एमडी की गिरफ्तारी के प्रयास
गौरतलब है कि जलदाय विभाग के चीफ इंजीनियर आर के मीणा, एडिशनल चीफ इंजीनियर सुबोध कुमार जैन और कंपनी के एजीएम प्रफुल्ल कुमार को एसीबी ने 19 जुलाई को गिरफ्तार किया था। वहीं रिश्वत के 15 लाख रुपए लेकर फरार हुए सवाईमाधोपुर के अधीक्षण अभियंता उदयभानु माहेश्वरी ने एक अगस्त को कोर्ट में सरेंडर किया था। एसीबी के अनुसार एसपीएमएल कंपनी की ओर से अधिकारियों को यह रिश्वत बतौर लाइजनिंग मनी बांटी गई थी। एसीबी कंपनी उधर, सूत्रों के अनुसार कंपनी के फरार चल रहे एमडी ऋषभ सेठी और वाइस प्रेसिडेंट केशव गुप्ता का कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी कराने के लिए एसीबी ने महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटा लिए है। अब इन साक्ष्यों के आधार पर एसीबी दोनों का कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट लेने की तैयारी कर चुकी है।
Published on:
13 Sep 2016, 11:08 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.