
Chaitra Navratri 2021 3rd Day Chaitra Navratri 2021 Third Day
जयपुर. 15 अप्रैल 2021 को चैत्र शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि है जोकि चैत्र नवरात्रि का तीसरा दिन भी है. इस दिन मां दुर्गा के तीसरे रूप मां चंद्रघंटा की उपासना की जाती है. ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि मां चंद्रघंटा के मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र स्थित है. इसी वजह से उनका नामकरण माता चंद्रघंटा हुआ है.
मां चंद्रघंटा परम कल्याणकारी हैं. देवी चंद्रघंटा का रंग स्वर्ण के समान है. मां चंद्रघंटा देवी के दस हाथ हैं जिनमें शस्त्र-अस्त्र विभूषित हैं. उनका वाहन सिंह है. भीषण युद्ध में मां चंद्रघंटा ने घंटे की टंकार से ही भयंकर असुरों का नाश कर दिया था. ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र नागर बताते हैं कि मां चंद्रघंटा की विधिवत पूजा का ज्यादा महत्व है.
मां चंद्रघंटा की उपासना से बीमारियों से मुक्ति मिलती है. नवरात्रि में मां चंद्रघंटा को केसर और केवड़ा मिश्रित जल से स्नान कराएं और उन्हें सुनहरे रंग के वस्त्र पहनाएं. मां को कमल या गुलाब का फूल चढ़ाएं. इसके उपरांत भोग लगाकर मंत्र जाप करें. मां चंद्रघंटा की विधिपूर्वक पूजा करने से साहस और शक्ति प्राप्त होती है.
मां चंद्रघंटा के मंत्र
1.
या देवी सर्वभूतेषु मां चंद्रघंटा रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमो नम:।।
2.
ऐं हृी क्लीं चंद्रघटायै नम:
Published on:
15 Apr 2021 06:02 am
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