
दिल्ली से मंत्रिमंडल की लिस्ट लेकर ही लौटेंगे मुख्यमंत्री !
जयपुर। राजस्थान के मंत्रिमंडल गठन को लेकर कवायद तेज है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा दो दिन से दिल्ली में ही डेरा डाले हुए हैं। वे रविवार को अचानक दिल्ली गए थे। वहां नए मंत्रिमंडल के गठन को लेकर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी मुलाकात हुई थी। पहले उनके रविवार देर रात तक वापस लौटने की उम्मीद थी। लेकिन अब वे सोमवार को भी दिल्ली में ही रहेंगे। ऐसे में अब ये अटकलें तेज हो गई हैं कि वे मंत्रिमण्डल की लिस्ट लेकर ही जयपुर लौटेंगे।
इधर नए मंत्रिमण्डल की उम्मीद लगाए विधायकों की धडक़नें भी तेज हो गई हैं। जिस तरह से पहली बार जीते विधायक को मुख्यमंत्री बनाकर आलाकमान ने चौंकाया था,ऐसे में नए मंत्रिमंडल के गठन को लेकर इस बार नए व पुराने सभी विधायक उम्मीद लगाए हुए हैं।
क्या पूरे बनेंगे 27 मंत्री
राज्य में मंत्रिमण्डल में तीस मंत्री बनाए जा सकते हैं। अब तक मुख्यमंत्री व दो उपमुख्यमंत्री बन चुके हैं। अब ऐसे में 27 मंत्री और बनाए जाएंगे। चर्चा है कि नए मंत्रिमण्डल में एक साथ 27 मंत्री बनाए जाएंगे या फिर इसका धीरे-धीरे विस्तार किया जाएगा। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि मंत्रिमंडल विस्तार दो चरणों में किया जा सकता है।
चौंका सकते हैं मंत्रिमण्डल के नाम
जिस तरह से भाजपा ने तीनों राज्यों में मुख्यमंत्री के नामों को लेकर चौंका दिया था। इसी तरह अब ये भी चर्चा चल पड़ी है कि मंत्रिमण्डल में नए नाम आ सकते हैं। इनमें नए-पुराने विधायकों को मौका मिलेगा।
इधर एक्शन में सरकार
नए मुख्यमंत्री पूरी तरह एक्शन मूड में नजर आ रहे हैं। पिछले 48 घंटे में कई एक्शन लिए हैं। इनमें पेपर लीक रोकने के लिए एसआईटी का गठन, एंटी गैंगस्टर्स टास्क फोर्स गठन, सीएमओ के सभी प्रशासनिक अधिकारियों को एपीओ किया। इसके अलावा सभी बोर्ड व निगमों के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष को हटाया जाने के निर्णय प्रमुख हैं।
जाति व क्षेत्र पर भी रहेगा फोकस
नए मंत्रिमण्डल में जाति व क्षेत्र पर भी फोकस किया जाएगा। इसके अलावा महिला वर्ग को भी शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री व दोनों उपमुख्यमंत्री जयपुर जिले हैं। जिले में इस बार 12 विधायक भाजपा से जीते हैं। इनमें से तीन विधायकों को मंत्री पद मिल चुका है। ऐसे में शेष नौ की संभावना कम ही नजर आ रही है। पूरे राजस्थान को साधना और जाति फैक्टर के आधार पर मंत्री बनाए जाएंगे।
महिलाओं को और मिलेगा मौका
इस बार बीस महिलाएं विधायक बनी हैं। इनमें नौ भाजपा व नौ कांग्रेस व दो निर्दलीय जीती हैं। भाजपा की नौ महिला विधायकों में से एक दीया कुमारी को तो उपमुख्यमंत्री बनाया जा चुका है। ऐसे में शेष आठ महिला विधायक भी उम्मीद लगाए हुए हैं,उनमें से किसी एक या दो को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सके। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय अक्सर किसी महिला को ही मिलता है। कांग्रेस सरकार में ममता भूपेश के पास था तो पिछली सरकार में यह अनिता भदेल के पास रहा था। ऐसे में दीया कुमारी को यह मंत्रालय नहीं मिलता है तो किसी एक और महिला को मंत्री बनाकर इस मंत्रालय दिया जा सकता है।
Updated on:
18 Dec 2023 10:38 am
Published on:
18 Dec 2023 10:38 am
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
