
विजय शर्मा
चुनाव में उतरने के बाद मैंने ठाना कि मुझे सबसे पहले सिविल लाइंस की जनता का स्वाभिमान जागृत करना है। मैंने यही किया। यह बात मैंने पत्रकारिता से सीखी है। जनप्रतिनिधि होने के साथ मैं पत्रकार भी हूं। जनता की आवाज बुलंद करने के लिए राजनीति में आया हूं। यह कहना है सिविल लाइंस से भाजपा के नवनिर्वाचित विधायक गोपाल शर्मा का। पहली बार विधायक बने गोपाल शर्मा ने राजस्थान पत्रिका से खास बातचीत में कहा कि चुनाव लड़नेे के लिए कोई दुविधा नहीं थी। हम तैयारी से थे। परवाह नहीं की सामने कौन है। चुनाव जीतना ही लक्ष्य रखा और जीते।
Q सिविल लाइंस में क्या प्राथमिकताएं रहेंगी?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम, कमल का निशान, सिविल लाइंस का सम्मान और भारत माता का स्वाभिमान के मुद्दे पर चुनाव लड़ा था। जहां सरकार रहती है उनके पास ऐसी कॉलोनियां हैं जहां बच्चों के पास पहनने को चप्पल नहीं और तन ढकने के लिए कपड़ा नहीं है। विकास के आधारभूत ढांचेे को तैयार करके सिविल लाइंस क्षेत्र को विश्व का मॉडल कैसे बने, इस पर काम करेंगे।
Q जयपुर की किन समस्याओं के समाधान का प्रयास करेंगे?
कुछ लोग ऐसे हैं जिन्हें हेलमेट की जरूरत नहीं। बहन-बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। मंदिर के रास्तों पर अतिक्रमण होता है। भक्तों को पैदल चलने की जगह नहीं मिलती, जैसे चांदपोल हनुमान मंदिर के रास्ते हैं। कोई निर्माण करना है तो पहले रिश्वत देनी होती है। इन्हीं बुराइयों को दूर करने के संकल्प के साथ काम करूंगा।
Q आपके सामने कांग्रेस के बड़े नेता थे, किस तरह कामयाबी मिली ?
मेरी जीत का बड़ा कारण ईमानदारी और अच्छी छवि है। सिविल लाइंस से पूर्व विधायक और मंत्री रहे कांग्रेस प्रत्याशी मेरे छोटे भाई की तरह हैं। लेकिन उनसे गलतियां हुई हैं।
Q कहा जा रहा है कि ध्रुवीकरण हावी रहा, क्या यह सही है?
ध्रुवीकरण को मैं उपयुक्त मानता हूं। यह देश के हित में है। हसनपुरा को हरिपुरा बनाने की बात दिल से निकली। ऐसा नाम जो लोगों में भेदभाव पैदा करे, वह गलत है। हमारा उद्देश्य किसी की भावना को आहत करना नहीं है।
Q विधानसभा क्षेत्र के लिए क्या नया करना चाहते हैं?
मैं विधायक कोष को लेकर नवाचार करने जा रहा हूं। विधायक कोष से कितना और कहां खर्च होगा। लोग ही तय करेंगे। इसके लिए क्षेत्र के ही लोगों की कमेटी बनेगी।
Q राजनीति में आने का उद्देश्य ?
पत्रकार का काम भी समाज और जनता की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाना है। अब जनप्रतिनिधि बन गया हूं, साथ मैं पत्रकार भी हूं। जनता की आवाज बुलंद करने ही राजनीति में आया हूं। जब तक प्रमाण नहीं होते खबर नहीं लिखते। यही राजनीति में करूंगा। प्रमाण के साथ मुद्दे उठाऊंगा। उनके फॉलोअप भी करेंगे। सच के साथ खड़े रहेंगे।
Updated on:
9 Dec 2023, 11:21 AM IST
Published on:
9 Dec 2023, 11:21 AM IST
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